द फॉलोअप टीम, रांची:
बिहार विधानसभा में हुई घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत समूचा विपक्ष आक्रामक मूड में आ चुका है। 26 मार्च को महागठबंधन ने बिहार बन्द का आह्वान किया है। वहीं काला दिवस मनाने की घोषणा की गई है। तेजस्वी यादव ने मीडिया के हवाले से कहा कि CM नीतीश कुमार द्वारा लोकतंत्र का चीरहरण, विधायकों की पिटाई, बेरोजगारी, महँगाई, किसान बिल के विरुद्ध कल बिहार बंद रहेगा। उन्होंने बिहार के लोगों से अपील की है कि इस बन्द में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इस अहंकारी सरकार के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करें।
नीतिश ने किया लोकतंत्र को शर्मसार करने का काम: तेजस्वी यादव
तेजस्वी ने कहा कि लोहिया जयंती और भगत सिंह के शहादत दिवस 23 मार्च पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पुलिस से करोड़ों लोगों द्वारा निर्वाचित माननीय सदस्यों को जूतों से पिटवाने और बंदूक़ की नोक पर काला पुलिसया क़ानून पास करा लोकतंत्र को शर्मसार करने का कलंकित कार्य किया।
लगाया आरोप, सदन में निरंतर झूठ बोल रहे हैं मुख्यमंत्री
तेजस्वी ने कहा कि 1986 में नेता प्रतिपक्ष कर्पूरी ठाकुर सहित विपक्षी सदस्यों ने HEC के मामले को लेकर 3 दिन-रात इसी सदन में विरोध प्रदर्शन किया। 1986 में नीतीश कुमार भी इसी सदन के सदस्य थे। क्या नीतीश कुमार को याद नहीं है? कितना झूठ बोलते है? उस वक्त तीन दिन सदन में धरना, विरोध प्रदर्शन और नारेबाज़ी करने के बावजूद विपक्ष के सदस्यों को पुलिस ने बलपूर्वक नहीं हटाया था। अब तो नीतीश कुमार जूतों से माननीय सदस्यों को पिटवा रहे है। वहीं सदन में निरंतर झूठ बोल रहे है।
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बजाय संरक्षण दे रही सरकार
तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें संरक्षण देकर क्लीन चिट दे रहे हैं। उनके इन्हीं क्लीन चिटों से अफ़सरशाही बढ़ी है। अधिकारी जान लें, नीतीश कुमार ने अपनी पारी खेल ली है, अब ये आपका career ख़राब करना चाहते हैं। तेजस्वी बोले कि हमारे पास 200 से अधिक इनके पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारियों की फ़ुटेज हैं। हमने सभी को चिह्नित किया है। बर्खास्त और दागी स्वजातीय अधिकारियों के ज़रिए नीतीश कुमार जो गुंडागर्दी करवा रहे है। वो सब संज्ञान में है।