द फॉलोअप टीम, डेस्क:
कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट दुनिया में दहशत फैला रहा है। भारत के भी तकरीबन 1 दर्जन राज्यों में ओमिक्रॉन के मरीज मिले हैं। ओमिक्रॉन से बचाव के लिए ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई देशों में नागरिकों को कोविड वैक्सीन का बूस्टर डोज दिए जाने की कवायद जारी है। इस बीच सवाल है कि क्या भारत में भी कोरोना वैक्सीन का बूस्टर डोज दिया जायेगा।
भारत बायोटेक का इंट्रा-नेसल बूस्टर डोज
गौरतलब है कि ओमिक्रॉन से बचाव के लिए कोविड वैक्सीन के बूस्टर डोज देने की चर्चा के बीच भारत बायोटेक ने अपने इंट्रानैसल कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज के तीसरे चरण का ट्रायल रिपोर्ट डीजीसीआई के सामने पेश किया। गौरतलब है कि ये बूस्टर डोज होगा। दिलचस्प बात ये है कि भारत बायोटेक का इंट्रानैसल बूस्टर डोज कोवैक्सीन और कोविशील्ड, दोनों का टीका लगवाने वाले लोगों को दिया जा सकता है। ओमिक्रॉन के खतरे के बीच ये भारत के लिए काफी सुखद खबर है।

ओमिक्रॉन से बचाव के लिए बूस्टर डोज
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत बायोटेक ने कोरोना से बचाव के लिए पहला स्वदेशी वैक्सीन बनाया। हैदराबाद स्थित फार्मास्युटिकल कंपनी भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन नाम का टीका बनाया। कोवैक्सीन को कोरोना वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए काफी अहम माना जाता है। प्रधानमंत्री ने भी कोवैक्सीन का टीका लगवाया था। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि कोवैक्सीन में नये ओमिक्रॉन वेरिएंट के हिसाब से अपडेट किया जा रहा है।
तेजी से फैलता है ओमिक्रॉन का वेरिएंट
गौरतलब है कि दुनिया में नॉवल और डेल्टा वेरिएंट के बाद अब कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट तेजी से फैल रहा है। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि ये वेरिएंट पिछले वेरिएंट के मुकाबले 4 गुना ज्यादा तेजी से फैलता है। 24 नवंबर को ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता चला था। इस वेरिएंट का पता सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में लगा था। डब्ल्यूएचओ ने इसे लेकर चेतावनी जारी की।
