द फॉलोअप टीम, रांची:
भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक भानुप्रताप शाही ने हेमंत सरकार पर अनुबंधकर्मियों को धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने ऑफिशियल ट्विटर से एक ट्वीट किया। लिखा कि, 'धोखा-धोखा-धोखा! हेमंत जी ने सभी अनुबंधकर्मयों को दिया धोखा। देखिये, झारखंड के अनुबंधकर्मियों को स्थायी करने का प्रश्न जब हमने किया तो सरकार साफ-साफ मुकर गई कि हमने ऐसी कोई घोषणा नहीं की'। भानुप्रताप शाही ने एक पत्र भी जारी किया है।
आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी
भानुप्रताप शाही ने जो पत्र साझा किया है उसमें उन्होंने पूछा है कि क्या ये बात सही है कि सरकार ने राज्य के पारा शिक्षक, सहिया और सेवाकाओं सहित सभी अनुबंधकर्मियों को स्थायी करने की घोषणा की थी। सरकार ने जवाब दिया कि ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी। सरकार ने लिखा कि अस्वीकारात्मक। सरकार ने स्थायीकरण को लेकर ऐसी कोई घोषणा नहीं की थी।

हाई-लेवल कमिटी की बात से इंकार
सवाल पूछा गया कि क्या ये बात सही है कि राज्य में पारा शिक्षक, सहिया, सेविका सहित सभी अनुबंधकर्मियों के स्थायीकरण को लेकर एक हाई लेवल कमिटी बनाई गई थी जिसका रिपोर्ट 3 महीने के अंदर दिया जाना था। सरकार ने इससे भी इंकार किया। कहा कि कार्मिक प्रशासनिक और राजभाषा विभाग की अधिसूचना संख्या- 4011 दिनांक 18.08.2020 के द्वारा राज्य अंतर्गत विभिन्न विभागों में अनुबंध अथवा संविदा के आधार पर कार्यरत कर्मियों द्वरा उनकी सेवा शर्तों में सुधार तथा नियमतिकरण के संबध में उठाई जा रही मांग की समीक्षा कर अपना अभिमत देने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसके आलोक में अभिमत अथवा प्रतिवेदन देने के निमित्त उच्चस्तरीय समिति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

सरकार ने सभी सवालों को नकार दिया
विधायक भानुप्रताप शादी ने तीसरा सवाल पूछा कि यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं तो क्या सरकार सभी अनुबधक्रमियों के स्थायीकरण का विचार रहती है। हां तो कब तक औऱ नहीं हो क्यों। सरकार ने इसके जवाब में कहा कि उपर्युक्त खंडो की स्थिति स्प्ष्ट की गई है।