द फॉलोअप टीम, मुंबई:
बीते रविवार को अभिनेता अनुपम श्याम का निधन हो गया। किडनी फेल होने की वजह से असमय ही उनका निधन हो गया। प्रतिज्ञा और अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो से उन्हें अच्छी खासी पहचान मिली। भले ही टीवी वालों के लिए वो स्टार और बॉलीवुड वालों के लिए एक कैरेक्टर आर्टिस्ट हों लेकिन यूपी के प्रतापगढ़ जिले के लिए वो शान थे। आज भी जिले के कई दुकानों में उनकी फोटो लगी दिख जाएंगी। वे कई दिनों से मुंबई के लाइफलाइन अस्पताल में भर्ती थे। उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।

सरल व्यक्तित्व था उनका
उन्होंने अपने जीवन में बहुत कुछ हासिल कर लिया था लेकिन कभी भी प्रतापगढ़ की धरती का मोह नहीं छोड़ा। जब भी वो वहां आते तो उनके मुंह से कभी भी अंग्रेजी के शब्द नहीं निकलते थे, हमेशा लोगों से ठेठ प्रतापगढ़ी अंदाज में ही बात करते थे। किसी भी शादी या समारोह में जब वो विशेष मेहमान के रूप में पहुंचते थे और अगर उन्हें कोई अंकल जी एक सेल्फी लेनी है कह देता था तो वो कहते थे जरूर क्लिक करवाऊंगा लेकिन 'पहले अंकल नहीं चाचा बोलो'।

इन फिल्मों से मिली लोकप्रियता
अनुपम श्याम ने हजार चौरासी की मां, सत्या, दस्तक, दिल से, जख्म, संघर्ष, लगान, शक्ति, नायक, पाप, जिज्ञासा, राज, वेलडन, अब्बा, वॉन्टेड, कजरारे और मुन्ना माइकल जैसी फिल्मों में काम किया था। उनको टीवी शो प्रतिज्ञा में ठाकुर सज्जन सिंह के रोल से सब लोगों ने जाना। उन्होंने अपने आखिरी समय तक भी काम किया। उन्होंने साल 1994 में शेखर कपूर की फेमस फिल्म बेंडिट क्वीन में भी काम किया था।

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से ली ट्रेनिंग
अनुपम श्याम का जन्म 20 सितम्बर 1957 में हुआ था। वो उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के मूल निवासी थे। यही के जीआईसी स्कूल से उन्होंने शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने लखनऊ के भारतेंदु अकादमी ऑफ़ ड्रामेटिक आर्ट्स से शिक्षा प्राप्त की थी। एक्टिंग में करियर बनाने के लिए 1987 में दिल्ली चले आए जहां नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में उन्होंने दाखिला लिया ।