द फॉलोअप टीम, रांचीः
शिक्षकों की दूसरे जिले में ट्रांसफर को लेकर शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके कई फायदे और नुकसान देखने को मिल सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वैसी महिला शिक्षिका जो जिनकी शादी नहीं हुई हैं उन्हें शादी के बाद ससुराल के अनुसार ट्रांसफर का लाभ मिलगा।
दंपत्ती की भाषा एक होनी चाहिए
अंतर जिला स्थानांतरण प्रस्ताव में यह बात भी रखी गई है कि पति-पत्नी को एक जिले में रखा जाना चाहिए। ऐसा तभी हो पाएगा जब पति या पत्नी राज्य या केंद्र सरकार के किसी अन्य विभाग में कार्यरत हैं। लेकिन इस ट्रांसफर में समस्या तब आ आयेगी जब पति पत्नी दोनों की स्थानीय भाषा अलग-अलग हो। अगर दोनों की स्थानीय भाषा एक ही रही तो अंतर जिला स्थानांतरण संभव आसान होगा।

इन बातों का भी रखा जाएगा ध्यान
स्तानांतरण के दौरान इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि शिक्षकों के जाने से उस जिले में संबंधित विषय के शिक्षकों की संख्या कम ना हो जाए। बता दें कि 2015 के बाद हुई शिक्षकों की नियुक्ति में स्थानीय भाषा को महत्व दिया गया है। जेटेट की परीक्षा में सभी जिलों की स्थानीय भाषा को महत्व दिया गया है। स्थानीय भाषाओं के आधार पर ही शिक्षकों का पदस्थापना हुआ लेकिन वर्ष 2015 के पहले स्थानीय भाषा के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती थी। ऐसे में जिनकी नियुक्ति 2015 से पहले हुई है उन्हें इस स्थानांतरण प्रस्ताव का लाभ नहीं मिल पाएगा।