द फॉलोअप टीम, धनबादः
एक लड़की जो 18 साल पहले कहीं खो गयी थी, वह अचानक सबके सामने आ जाए तो लोगों की क्या प्रतिक्रिया रहेगी। वह भी तब जब उसी गांव के एक परिवार पर लड़की के अपहरण का आरोप लगा हो । उसी आरोप की वजह से जिसका पूरा परिवार बिखर गया हो परिवार का हर सदस्य जेल में रहा हो, सदमें से एक सदस्य की मौत भी हो गयी हो, सबकी नौकरी चली गई हो।
इतना सबकुछ होने के बाद जब लड़की 18 साल बाद वापस लौट आयी हो तो उस पीड़ित परिवार पर क्या गुजरेगी जरा आप भी सोचिये। यह मामला लोदना ओपी का है।

क्या है पूरा मामला
दरअसल 23 सितम्बर 2003 को आरती कुमारी नाम की लड़की अचानक गायब हो गयी थी। वह लड़की 18 साल बाद घर लौटी है। लड़की उस समय बालिग थी, उसने बताया कि रक्षा काली मेला में वह गुम हो गयी थी, वहां से वह खड़गपुर चली गयी थी। आरती कुमारी के अपहरण का आरोप जिस परिवार पर लगा था वह अब न्याय की गुहार लगा रहा है। सनोज निषाद आरोपित परिवार के सदस्य हैं उन्होने कहा कि आरती के पिता ने हमपर झूठा केस दर्ज किया। इस कारण हमें पिता रामेश्वर निषाद, भाई मनोज निषाद, चचेरे भाई राजू निषाद जेल में रहना पड़ा।।। रामेश्वर निषाद, राजू निषाद की नौकरी भी चली गयी। सदमे में रामेश्वर निषाद की मौत भी हो गयी। और अब जब लड़की वापस आयी है तो वह कह रही है कि ने उसका अपहरण नहीं हुआ था। वह खड़गपुर में एक मंदिर में रह रही थी और अब जब समझ में आया तो घर वापस आ गयी।
18 साल लौटा दो
आरोपित का पूरा परिवार बिखर गया। अब वह न्याय की गुहार लगा रहे हैं उनका कहना है कि पूरे 18 साल हमें लौटा दो। पुलिस ने मामले की सही से जांच नहीं की और हम लोगों को सजा हो गयी।