डेस्क
भारत(India) समेत अन्य देशों में तेजी से फैलते मंकीपॉक्स वायरस(Monkey virus) के मद्देनज़र विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी’(Public health emergency) घोषित किया है। यह वायरस पश्चिम और मध्य अफ्रीका(Africa) में उभरा था और यहां दशकों से मौजूद है। हालांकि, हाल ही में यह संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और यहां तक कि भारत में फैलते हुए तेजी से कई महाद्वीपों में प्रसारित हो गया है। यूरोप मंकीपॉक्स वायरस से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से है।

पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी का क्या है मतलब
WHO पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी (PHE) को एक असाधारण घटना के रूप में परिभाषित करता है। जब किसी बीमारी का अंतरराष्ट्रीय प्रसार, अन्य देशों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे का कारण बन जाए और इसे रोकने के लिए एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयास की जरूरत हो तब विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा ऐसी बीमारी या वायरस के संक्रमण को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया जाता है। इससे पहले इबोला, एच1एन1 स्वाइन फ्लू, पोलियो वायरस, कोविड-19 और जीका वायरस के लिए PHE अलर्ट जारी किया जा चुका है।
क्या हैं मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमण के लक्षण
मंकीपॉक्स के लक्षणों में ज्यादातर समय बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द,थकान, पीठ दर्द, ठंड लगना जैसी दिक्कतें शामिल होती हैं। चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में दाने भी इसका एक लक्षण है। विशेषज्ञों का कहना है कि चेचक का टीका मंकीपॉक्स को रोकने में कारगर साबित हो सकता है।