logo

कामयाबी : सबसे लम्बे समय तक चलने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन रहा सफल,104 घंटे में बचा ली गई राहुल की जान   

सबसे लम्बे समय तक चलने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन रहा सफल,104 घंटे में बचा ली गई राहुल की जान   

डेस्क :
छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में करीब 104 घंटे तक बोरवेल के गड्ढे में फंसा राहुल सुरक्षित बहार निकल लिया गया है। इतने लम्बे समय तक चलने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन में 500 बचावकर्मियों की मदद से यह जीती गई है। देश में अभी तक बोरवेल में बच्चों के गिरने की जितनी घटनाएं हुई हैं।  यह उनमें से सबसे ज्यादा देर तक चलने वाला रेस्क्यू आपरेशन है। साल 2006 के जुलाई में हरियाणा के कुरुक्षेत्र में प्रिंस को 50 घंटे के संघर्ष के बाद बचाया गया था।

युद्ध स्तर पर चला अभियान 
जांजगीर जिले के पिहरीद गांव में खुले बोरवेल में गिरे 10 वर्षीय राहुल साहू को युद्ध स्तर पर चले अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।  राहुल साहू 10 जून को 4 बजे बोरवेल में गिरा था।   राहुल को बाहर निकालने पिछले दो दिनों से सेना के जवान भी जी जान से जुटे हुए थे. राहुल को निकालने के बाद  मालखरौदा से जांजगीर, मस्तूरी के रास्ते राहुल को बिलासपुर लाया गया। जहां उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया। एम्बुलेंस में राहुल के साथ माता-पिता उसके साथ थे। इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नज़र बनाये रखा था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया कि चुनौती बड़ी थी।  हमारी टीम भी कहां शांत खड़ी थी। रास्ते अगर चट्टानी थे तो इरादे हमारे फौलादी थे। सभी की दुआओं और रेस्क्यू टीम के अथक, समर्पित प्रयासों से राहुल साहू को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है। वह जल्द से जल्द पूर्ण रूप से स्वस्थ हो, ऐसी हमारी कामना है।

सबसे ज्यादा देर तक चलने वाला आपरेशन
देश में अभी तक बोरवेल में बच्चों के गिरने की जितनी घटनाएं हुई हैं, उनमें ये सबसे ज्यादा देर तक चलने वाला आपरेशन है। इसके पहले जुलाई 2006 में हरियाणा के कुरुक्षेत्र में प्रिंस को 50 घंटे के संघर्ष के बाद बचाया गया था। पिहरीद में राहुल को बचाने 104  घंटे से ज्यादा का समय लगने की वजह ये है कि गड्ढे के आसपास चट्टानें थीं।  

सुन बोल नहीं सकता है राहुल 
राहुल न बोल सकता है न सुन सकता है राहुल ने जीवन और मौत के बीच संघर्ष किया उसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उसे 11 बजकर 57 मिनट पर निकाला गया।