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सुनवाई : राजीव गाँधी की हत्या का दोषी होगा रिहा ,सुप्रीम कोर्ट का आदेश

राजीव गाँधी की हत्या का दोषी होगा रिहा ,सुप्रीम कोर्ट का आदेश

नई दिल्ली :
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या मामले में सजा काट रहे एक दोषी को सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया है। दोषी एजी पेरारिवलन पिछले 31 साल से जेल में सजा काट रहा है। 1991 में जब राजीव गाँधी की हत्या हुई थी, तब वह 19 वर्ष का था। अब पेरारिवलन 50 साल की उम्र में जेल से रिहा होगा। 11 जून 1991 में उसकी गिरफ्तारी हुई तब से वह अपनी बेगुनाही जाहिर करता रहा। अब एक लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद वह रिहाई के प्रयास में सफल हो गया है। 

क्या सचमुच बेगुनाह है पेरारिवलन 
राजीव गाँधी हत्या मामले में दोषी एजी पेरारिवलन शुरू से खुद को निर्दोष बताता रहा है।जेल में सजा काटने के दौरान वह पढ़ाई भी करता रहा और गोल्ड मेडल भी जीता।पेरारिवलन ने जेल में रहकर एमसीए तक की पढाई की है। वह हत्या में इस्तेमाल हुए बैटरी लाने की बात कबूल करता है। लेकिन, उसका कहना है कि बैटरी का इस्तेमाल धमाके के लिए होगा यह बात उसे पता नहीं थी। हालांकि CBI ने दावा किया था कि उसका संपर्क हत्या के मास्टरमाइंड से था। इसके साथ उसे एक दो मैसेज भी मिले थे।  

जांच रिपोर्ट और सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला 
लम्बे समय तक चली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पेरारिवलन की संलिप्तता परिस्थियों के अनुसार गंभीर न पाते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया। हलाकि,पेरारिवलन के साथ 6 साथी इस मामले में जेल में सजा काट रहे हैं।