द फॉलोअप, रांची
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। आंदोलन को लेकर कांग्रेस कोटे के चार मंत्रियों—राधाकृष्ण किशोर, इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह और शिल्पी नेहा तिर्की—ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला। मंत्रियों ने आरोप लगाया कि बीजेपी छात्रों की समस्याओं को राजनीतिक मुद्दा बनाकर आंदोलन को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री और झामुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने भी भाजपा पर हमला बोला था। आज कांग्रेस ने हमले को आगे बढ़ाया। इस तरह छात्र आंदोलन पर अब पक्ष और विपक्ष एक दूसरे के सामने खड़ा हो गया है।
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सदन में चर्चा के बजाय घेराव क्यों: राधाकृष्ण किशोर
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि यदि बीजेपी वास्तव में छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर थी, तो उसे विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन की आड़ में राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। किशोर ने यह भी दावा किया कि विधानसभा घेराव के दौरान दूसरे राज्यों से लोगों को बुलाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। हालांकि, उनके मुताबिक सरकार ने संयम बरता और छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया।

आंदोलन को हाईजैक करने का आरोप
स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि वह खुद बिना किसी प्रोटोकॉल के छात्रों के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत की। उनके अनुसार, कई छात्रों ने सरकार के साथ शांतिपूर्ण बातचीत की इच्छा जताई, लेकिन कुछ राजनीतिक ताकतें आंदोलन को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही हैं। बीजेपी सांसद आदित्य साहू के राहुल गांधी को लेकर दिए बयान पर भी अंसारी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठाते रहे हैं तथा नीट पेपर लीक के खिलाफ भी आवाज बुलंद कर चुके हैं।
इरफान अंसारी ने कहा कि आंदोलन स्थल पर सरकार की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है। छात्रों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात की गई है। तबीयत खराब होने वाले छात्रों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का दावा भी उन्होंने किया। मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की अधिकांश मांगों को लेकर सकारात्मक है और करीब 95 प्रतिशत मांगों को स्वीकार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

पेपर लीक को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र की बीजेपी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2015 से अब तक देशभर में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं और इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। दीपिका ने सीबीआई की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि पेपर लीक के मामलों में जांच के बावजूद दोषसिद्धि का रिकॉर्ड बेहद कमजोर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 2023 में पेपर लीक के खिलाफ कड़ा कानून बनाया और मौजूदा मामले में भी कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

जंतर-मंतर का हवाला देकर बीजेपी पर हमला
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि बीजेपी आज झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर सवाल उठा रही है, लेकिन जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन कर रहे थे, तब बीजेपी नेताओं की भूमिका अलग थी। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के दबाव और छात्रों के मुद्दे पर उनके रुख के कारण दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों को समर्थन मिला। शिल्पी नेहा तिर्की ने बीजेपी पर राहुल गांधी के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया। कानून-व्यवस्था के सवाल पर भी उन्होंने बीजेपी को घेरा और कहा कि विपक्ष को अलग-अलग राज्यों में हुई घटनाओं पर भी समान रूप से सवाल उठाना चाहिए। उन्होंने तपकरा गोलीकांड का जिक्र करते हुए बीजेपी से जवाब मांगा।
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