अमृतसर:
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात करेंगे। नवजोत सिंह सिद्धू की मुख्यमंत्री भगवंत मान से ये मुलाकात ऐसे वक्त में प्रस्तावित है जबकि कांग्रेस पार्टी की शीर्ष रणनीतिकारी संस्था कांग्रेस वर्किंग कमिटी अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय में पार्टी के भविष्य की रणनीतियों तथा पार्टी के पुरुद्धार पर चर्चा के लिए इकट्ठा होने वाले हैं।

मुख्यमंत्री मान से क्या चर्चा करेंगे सिद्धू
कहा जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू, मुख्यमंत्री भगवंत मान से पंजाब की अर्थव्यवस्था के पुनरुत्थान पर चर्चा करने वाले हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने ऑफिशियल ट्विटर पर बताया कि वो पंजाब के मुख्यमंत्री से प्रदेश की अर्थव्यवस्था के पुनरुत्थान के विषय में चर्चा करने के लिए मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब का कल्याण सामूहिक प्रयास से ही संभव है।

कांग्रेस के चिंतन शिविर में क्या तय हुआ था
गौरतलब है कि हाल ही में राजस्थान के जयपुर में कांग्रेस का चिंतन शिविर आयोजित किया गया था। यहां कांग्रेस पार्टी के कई शीर्ष नेताओं ने शिरकत की थी। इसी दौरान ये तय किया गया था कि कांग्रेस वर्किंग कमिटी की एक बैठक 9 मई को अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी मुख्यालय में आयोजित की जाएगी जिसमें पार्टी के भविष्य की रणनीतियों तथा पुनरुद्धार पर चर्चा होगी।
कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक प्रस्तावित है
दरअसल, नवजोत सिंह सिद्धू ऐसे वक्त में भगवंत मान से मुलाकात करने वाले हैं जब कांग्रेस वर्किंग कमिटी की अहम बैठक पार्टी मुख्यालय में होने वाला है। इसे सिद्धू की अनुशासनहीनता के तौर पर लिया जा सकता है।
इससे पहले पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हरीश चौधरी शीर्ष नेतृत्व को नवजोत सिंह सिद्दू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अनुशंसा कर चुके हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष रहते हुए नवंबर 2021 से लगातार राज्य में सरकार के खिलाफ बयानबाजी की। नीतियों की आलोचना की। इससकी वजह से विरोधियों को फायदा पहुंचा।

नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई की मांग
गौरतलब है कि सिद्धू ने चुनाव पूर्व से ही अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को इस्तीफा देना पड़ा। हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार हुई। 10 मार्च को चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नवजोत सिंह सिद्धू से इस्तीफा मांग लिया था। यही नहीं, सोनिया गांधी ने गोवा, मणिपुर, यूपी और उत्तराखंड के भी प्रदेश अध्यक्षों का इस्तीफा मांग लिया था।