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कानपुर : अतिक्रमण हटाने के दौरान मां-बेटी जिंदा जली, हुई मौत, अफसर बने रहे तमाशाई, दोनों रही चीखती-चिल्लाती 

अतिक्रमण हटाने के दौरान मां-बेटी जिंदा जली, हुई मौत, अफसर बने रहे तमाशाई, दोनों रही चीखती-चिल्लाती 

द फॉलोअप डेस्क

कानपुर के मैथा तहसील के मड़ौती गांव में सोमवार की शाम अतिक्रमण हटाने के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ । हादसे में मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई। दरअसल, पुलिस-प्रशासन सरकारी जमीन से अवैध कब्जा को हटाने गए थे। अतिक्रमण हटाने आए पुलिस-प्रशासन को देखकर एक महिला चीखती-चिल्लाती हुई दौड़कर झोपड़ी के अंदर चली जाती है और दरवाजा बंद कर लेती है। पुलिस भी वहां पहुंचकर दरवाजा तोड़ देती है। इस क्रम में झोपड़ी में आग लग जाती है। जिसके बाद झोपड़ी के अंदर से मौजूद मां-बेटी चिल्लाती हुई कह रही थी।... आग लगा दी... आग लगा दी। इस दौरान पुलिस प्रशासन के सामने दोनों मां-बेटी चिखती-चिल्लाती रही और अचानक चीखने-चिल्लाने की आवाज गुम हो गई। वहीं, दोनों मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस दौरान दोनों को बचाने के क्रम में पति कृष्ण गोपाल गंभीर रूप से झुलस गया। बता दें कि घटना से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं।

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फायर ब्रिगेड की जगह मंगाई बुलडोजर

बताया जा रहा है कि पुलिस आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड नहीं बल्कि बुलडोजर मंगाती है और जलती हुई झोपड़ी को गिरा देती है। वहीं, मृतका मां प्रमिला दीक्षित (41) और बेटी नेहा (21) की मौत के बाद ग्रामीण में काफी आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों का गुस्सा इतना बढ़ गया वे मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासनिक अफसरों को दौड़ाने लगे। अफसरों ने भागकर किसी तरह से अपनी जान बचाई। मृतका की पति ने घटना से संबंधित बताया कि, "बुलडोजर लेकर एसडीएम और तहसीलदार आए थे। इनके साथ अशोक दीक्षित, अनिल दीक्षित, पुतनिया और गांव के कई लोग और भी थे। ये लोग अधिकारियों से बोले कि आग लगा दो….तो अफसरों ने आग लगा दी। उन्होंनो बताया कि मेरा बेटा और मैं किसी तरह से जलती झोपड़ी से निकल तो निकल गए। लेकिन, मां-बेटी अंदर ही रह गए और जलकर मौत हो गई। वहीं, पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने हम लोगों को जलता छोड़कर मौके पर से फरार हो गए। इस दौरान किसी ने भी हमारी मदद नहीं की।

महिलाओं के साथ हुआ आत्याचार- राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला

घटना की सूचना पर मौके पर राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मैं इस क्षेत्र की विधायक हूं और यहां पर महिलाओं के साथ आत्याचार हुआ। ऐसे में मेरा महिला कल्याण विभाग में होना बेकार है। जब हम अपनी मां-बेटी को नहीं बचा पा रहे हैं। उन्होंने कहा पहले घर से बाहर निकालते फिर घर गिराया जाता है।

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा- कमिश्नर

इस घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने SDM मैथा ज्ञानेंश्वर प्रसाद, रुरा एसएचओ दिनेश गौतम, लेखपाल अशोक सिंह समेत 40 लोगों के खिलाफ हत्या का प्राथमिकी दर्ज कराया। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर डीएम नेहा जैन सफाई दी है। अतिक्रमण हटाए गए टीम पर जानलेवा अटैक किया गया। जबकि कानपुर देहात के SP बीबीजीटीएस मूर्ति ने कहा कि एसडीएम और अन्य कर्मचारी अवैध कब्जा हटाने गए थे। इसी दौरान कुछ लोग विरोध करने लगे। प्रदर्शन में महिला और उनकी बेटी भी शामिल थीं। विरोध करते-करते उन दोनों ने खुद को झोपड़ी के अंदर बंद कर लिया। थोड़ी देर के बाद झोपड़ी के अंदर आग लग गई। इसमें महिला और उनकी बेटी की मौत हो गई है। आग लगने का कारण का पता लगाया जा रहा है। वहीं, कानपुर कमिशनर राज शेखर, डीएम नेहा जैन, ADG आलोक कुमार समेत अन्य अफसर मौके पर देर रात तक मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने परिजनों से बात की और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। वहीं, कमिश्नर राजशेखर ने कहा कि पीड़ित द्वारा लगाए आरोपों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया गया उसे छोड़ा नहीं जाएगा।