डेस्क:
देवी काली पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा(Mahua moitra) के बयान के बाद अब पश्चिम बंगाल(West bengal) की मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata banerjee) ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। देवी काली विवाद पर उन्होंने कहा कि कभी-कभी किसी भी नकारात्मक मुद्दे पर विवाद खड़ा करने की कोशिश की जाती है। कोलकाता में मीडिया(Media) से उन्होंने कहा कि कभी-कभी मुझे लगता है कि हम हमेशा किसी भी नकारात्मक मुद्दे पर विवाद पैदा करने पर ज़ोर देते हैं। हर दिन कई विवाद(Controversy) खड़े होते हैं। लेकिन, मीडिया उन चीज़ों पर नहीं बोलता।

सकारात्मक सोच रखने की जरूरत - ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा- हम काम करते समय ग़लतियाँ करते हैं। लेकिन, उन्हें ठीक किया जा सकता है। कुछ लोग अच्छे कामों को नहीं देखते और एकाएक चिल्लाने लगते हैं। नकारात्मकता हमारे ब्रेन सेल्स को प्रभावित करती है, इसलिए सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। पिछले दिनों तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में देवी काली पर विवादित टिप्पणी की थी। टीएमसी ने महुआ के बयान से किनारा कर लिया था और इसे उनका निजी बयान बताया था। साथ ही पार्टी ने उनके बयान की आलोचना भी की थी।

बीजेपी के अमित मालवीय ने ममता की चुप्पी पर उठाये थे सवाल
महुआ के बयान के बाद बीजेपी ने उनपर पर कार्रवाई करने की मांग की थी। मध्य प्रदेश में भी उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है। ममता बनर्जी के बयान से पहले बीजेपी की आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने महुआ मोइत्रा के मामले को लेकर उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने महुआ मोइत्रा को पार्टी से निकालने की मांग की और ये भी कहा कि पश्चिम बंगाल की पुलिस को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। बता दें कि महुआ मोइत्रा ने एक टीवी न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में देवी काली को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि काली के कई रूप हैं। मेरे लिए माँ काली मांस खाने वाली और शराब स्वीकार करने वाली देवी हैं। इसके बाद से ही उनके बयान की आलोचना शुरू हो गई थी ।
