दिल्ली:
पंजाब सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है। इस माहौल में सियासी बयानबाजियां भी जारी है। अब कवि और आम आदमी पार्टी के नेता रहे कुमार विश्वास ने आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बारे में सनसनीखेज दावा किया है। कुमार विश्वास का कहना है कि अरविंद केजरीवाल खालिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बनना चाहते थे। कुमार विश्वास के इस बयान ने सियासी खलबली मचा दी है।

अलगाववादियों के समर्थक हैं केजरीवाल
कुमार विश्वास ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब में अलगावादियों के समर्थक रहे हैं। कुमार विश्वास का दावा है कि केजरीवाल ने उनसे कहा था कि वे स्वतंत्र राष्ट्र यानी खालिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे। गौरतलब है कि पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 20 फरवरी को वोटिंग होने वाली है। आप ने पंजाब में आम आदमी पार्टी ने पूरा जोर लगाया है। पार्टी ने यहां भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया है। अब कुमार विश्वास का बयान वोटिंग अथवा चुनावों को कितना प्रभावित करेगा ये देखने वाली बात होगी। सियासत गर्मा गई है।

खालिस्तान का पीएम बनना चाहते थे केजरीवाल
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कुमार विश्वास ने कहा कि एक दिन केजरीवाल ने मुझसे कहा है कि वो या तो पंजाब का मुख्यमंत्री बन जाएगा या फिर स्वतंत्र राष्ट्र (खालिस्तान) का पहला प्रधानमंत्री। कुमार विश्वास ने ये भी दावा किया कि केजरीवाल को अलगाववादियों की मदद लेने से कोई परहेज नहीं है। कुमार विश्वास ने कहा कि उन्होंने केजरीवाल को रोका था लेकिन उसे कोई फर्क नहीं पड़ा। कुमार विश्वास का आरोप है कि केजरीवारल को किसी भी कीमत पर सत्ता चाहिये। कवि कुमार ने कहा कि पंजाब एक भावना है। पूरी दुनिया में पंजाबियत के भावना है।
#WATCH | Poet & former AAP leader Kumar Vishwas alleges AAP chief Arvind Kejriwal was supportive of separatists in Punjab
— ANI (@ANI) February 16, 2022
"One day, he told me he would either become CM (of Punjab) or first PM of an independent nation (Khalistan)," Vishwas says. pic.twitter.com/5ccGs9jNn3
केजरीवाल और कुमार विश्वास में क्यों बढ़ी खटास
गौरतलब है कि अन्ना आंदोलन के दौरान केजरीवाल और कुमार विश्वास मंच साझा किया करते थे। दोनों लंबे वक्त तक साथी रहे। जब आम आदमी पार्टी का गठन हुआ। दिल्ली में सरकार बनी तो कुमार विश्वास पार्टी के दमदार प्रवक्ता हुआ करते थे। कुमार विश्वास ने अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। हालांकि, राज्यसभा सीट के मुद्दे पर केजरीवाल और कुमार विश्वास के बीच मतभेद हुआ। खटास बढ़ी और दोनों के रास्ते अलग हो गये।