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Ukraine Crisis : ये जो लौट आया है मेरा नहीं मोदीजी का बेटा है....सुमी से बेटे की सुरक्षित वापसी पर बोला कश्मीरी पिता

ये जो लौट आया है मेरा नहीं मोदीजी का बेटा है....सुमी से बेटे की सुरक्षित वापसी पर बोला कश्मीरी पिता

श्रीनगर: 

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच भारतीय छात्रों को युद्धग्रस्त इलाकों से निकालने का अभियान जारी है। भारत सरकार, ऑपरेशन गंगा के तहत छात्रों को निकाल रही है। इसी सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के रहने वाले संजय पंडिता के बेटे को भी ऑपरेशन गंगा के तहत इवेक्यूएट किया गया। बेटे के सकुशल भारत वापस लौट आने से खुश संजय पंडिता का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। संजय पंडिता बेटे की वापसी से काफी भावुक नजर आ रहे हैं। 

भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया
श्रीनगर हवाई अड्डे पर अपने बेटे को रिसीव करने पहुंचे संजय पंडिता से समाचार एजेंसी एएनआई ने बातचीत की। संजय पंडिता ने अपने बेटे ध्रुव का स्वागत करते हुए कहा कि, मैं कहना चाहता हूं कि ये जो लौट आया है वो मोदीजी का बेटा है। मेरा बेटा नहीं है। सुमी में जिस तरह की परिस्थितियां हैं, मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरा बेटा ध्रुव कभी वहां से वापस लौट पाएगा। संजय पंडिता ने कहा कि, अपने बेटे को सुरक्षित निकाल लाने के लिए मैं भारत सरकार का शुक्रगुजार हूं। 

सूमी से लौटे ध्रुव ने क्या कुछ बताया
इधर युद्धग्रस्त यूक्रेन के सूमी शहर से सुरक्षित भारत लौटे ध्रुव ने कहा कि वहां जीवित रहना बहुत मुश्किल था। वापस आकर राहत महसूस कर रहा हूं। ध्रुव ने कहा कि मैं ऑपरेशन गंगा को अंजाम देने के लिए भारत सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं। 

यूक्रेन के शहरों में रूसी सेना का प्रवेश
बता दें कि बीते 15 दिनों से रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। रूसी सेना लगातार यूक्रेन की राजधानी कीव सहित उसके सभी प्रमुख शहरों पर बमबारी और गोलीबारी कर रही है। हवाई हमला किया जा रहा है। कीव से सभी भारतीय छात्रों को निकाला जा चुका है। खार्कीव से भी तकरीबन सभी भारतीय नागरिकों को निकाल लिया गया है। कहा जा रहा है कि इस समय यूक्रेनी शहर सुमी में भी परिस्थितियां भयावह हैं। रूसी सेना शहर में घुस आई है। 

इवेक्यूएशन के लिए जारी है ऑपरेशन गंगा
भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से निकालने के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन गंगा लांच किया। दावा है कि अब तक तकरीबन 16 हजार भारतीय नागरिकों को वहां से निकाला जा चुका है। बाकियों को इवेक्यूएट करने के लिए अभियान लगातार जारी है।