द फॉलोअप डेस्क:
कैश ऑफ क्वेरी केस में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की सांसदी जा सकती है। आज लोकसभा की एथिक्स कमिटी की बैठक में महुआ की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की जा सकती है। तृणमूल सांसद को अनैतिक आचरण के आरोपों में निष्कासित किया जा सकता है। बता दें कि महुआ पर भारत से बाहर रहने वाले व्यवसायी से लॉग इन पासवर्ड साझा करने का आरोप है। इस मामले में झारखंड को गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे और महुआ मोइत्रा के बीच ट्विटर वार हो चुका है।

एथिक्स कमिटी ने 500 पेज का मसौदा तैयार किया
बता दें कि एथिक्स कमिटी की बैठक में 500 पेज का मसौदा रिपोर्ट सौंपा जा सकता है। इसके बाद रिपोर्ट को संसद के शीतकालीन सत्र में निचले सदन में रखा जाएगा। अधिकारियों ने इस बाबत बताया कि 17वीं लोकसभा के शेष कार्यकाल के लिए मोइत्रा को निष्कासित करने का प्रस्ताव सदन में लाया जाएगा।

आपराधिक आरोपों की जांच की भी सिफारिश होगी
मामले में समिति यह सुझाव भी देगी कि केस में आपराधिक आरोपों की जांच के लिए गहन संस्थागत व कानूनी जांच होनी चाहिए। इस केस में बहुजन समाज पार्टी के सांसद दानिश अली के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश भी की जाएगी। दानिश अली पर महुआ मोइत्रा द्वारा पूछे गए सवाल को तोड़ मोड़ कर समिति के खिलाफ भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया गया है।
टीएमसी सांसद महुआ पर कैश फॉर क्वैरी का आरोप
महुआ मोइत्रा पर यह आरोप लगा है कि उन्होंने अडाणी और केंद्र सरकार के बदनाम करने के उद्देश्य से देश के बाहर रह रहे व्यवसायी से पैसे लिए। उनसे पैसे लेकर अडाणी को निशाना बनाते हुए सवाल पूछे। बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे ने पहली बार सदन में इस तरह के आरोप लगाए थे।