भोपाल:
बात 22 दिसंबर 2021 की है। भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने मप्र के श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह से एक जानकारी मांगी। वह सिरोंज जनपद पंचायत में कन्या विवाह योजना के लाभार्थियों को आवंटित की गई धनराशि के बारे में पता करना चाहते थे। इसके बाद तो प्रदेश में भूचाल आ गया। पता चला कि फर्जी शादियां कराकर कन्या विवाह योजना के तेहत करोड़ों रुपए का गबन कर लिया गया है। दी वायर की एक खबर के मुताबिक मध्य प्रदेश विवाह सहायता योजना के नाम पर साल 2019 और 2021 के बीच 30.4 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। घोटाले की जांच के दायरे में 93 ग्राम पंचायतें और 20 बैंक हैं।

भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा का कहना है कि घुटुआ गांव के दो लाभार्थियों ने उनसे शिकायत की थी कि उन्हें योजना के तहत 51,000 रुपये की पूरी रकम नहीं मिली। जांच में उस ग्रामीण की बात सच निकली। विधायक ने सिंरोज ब्लॉक में योजना के लाभार्थियों का विवरण मांगा तो लगभग 6,000 लोगों के साथ धाखाधड़ी का पता चला। कागज पर ही 5,976 लाभार्थियों को कुल 30.4 करोड़ रुपये आवंटित कर दिये गए, जबकि उनतक राशि पहुंची ही नहीं।

सत्ता में शामिल विधायक के हस्तक्षेप के बाद सिरोंज जनपद पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शोभित त्रिपाठी को 4 जनवरी को निलंबित कर दिया गया है। 6 जनवरी को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने त्रिपाठी और दो अन्य लोगों हेमंत उर्फ जितेंद्र साहू और योगेंद्र शर्मा के साथ जालसाजी एवं भ्रष्टाचार अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी), 467 (जालसाजी) और 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया। 3 फरवरी को तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।