मुजफ्फरपुर:
फिल्म मेकर लीना मणिमेकलाई (Leena Manime Kalai) की अपकमिंग शॉर्ट फिल्म काली (short film kaali) का पोस्टर विवादों से घिरा है। देश के साथ प्रदेश में भी इस पोस्टर का जमकर विरोध किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर कोर्ट (Muzaffarpur Court) में फिल्म की डायरेक्टर लीना मणिमेकलाई (Leena Manimekalai), एसोसिएट प्रोड्यूसर आशा (Associate Producer Asha) और लेखक प्रणव श्रवण(Writer Pranav Shravan) के खिलाफ मंगलवार को मामला दर्ज हुआ है।

16 जुलाई को मामले की सुनवाई
अधिवक्ता सुधीर ओझा ने मंगलवार को आईपीसी की धारा 295, 297, 298, 504 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसमें उन्होंने कहा है कि इस पोस्टर में धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाई गई है। मां काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है। ऐसे में इस सीन को फिल्म से हटाया जाए। साथ ही अन्य प्लेटफॉर्म से भी इसे डिलीट किया जाए। बता दें कि इस मामले की सुनवाई 16 जुलाई होगी। न्यायालय से मांग की है कि जो पोस्टर जारी किया गया है उसे तुरंत हटाया जाए।

फिल्म के पोस्टर पर क्यों हुआ बवाल
काली का निर्देशन फिल्ममेकर लीना मणिमेकलई ने किया है। उन्होंने पिछले हफ्ते अपनी इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म का आधिकारिक पोस्टर जारी किया था। पोस्टर में हिंदू देवी काली के वेश में एक महिला सिगरेट पीती हुई नजर आ रही है, जिसके एक हाथ में LGBTQ का झंडा है और दूसरे हाथ में त्रिशूल है। विवादित डाक्यूमेंट्री तमिल आर्ट कलेक्टिव और क्वीन समर इंस्टिट्यूट ने मिलकर बनाई है। जैसे ही यह पोस्टर सोशल मीडिया पर सामने आया विवाद खड़ा हो गया। लोगों का कहना है कि पोस्टर में हिंदू देवी को सिगरेट पीते दिखाना हिंदुत्व का अपमान है और फिल्ममेकर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
