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वीरभूम हिंसा : संसद में फूट-फूटकर रोईं बीजेपी सांसद रूपा गांगुली, कहा-राज्य रहने लायक नहीं

संसद में फूट-फूटकर रोईं बीजेपी सांसद रूपा गांगुली, कहा-राज्य रहने लायक नहीं

डेस्क: 

शुक्रवार को लोकसभा में वीरभूम हिंसा का मामला उठा। इस मामले में बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी की सांसद रूपा गांगुली सदन में रो पड़ीं। रूपा गांगुली ने वीरभूम हिंसा पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। रूपा गांगुली ने रोते हुए कहा कि वहां सामूहिक हत्याएं हो रही हैं।

लोग राज्य से भाग रहे हैं। रूपा गांगुली ने कहा कि बंगाल अब रहने योग्य नहीं रह गया है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के वीरभूम में बागुतई गांव में 8 लोगों को जिंदा जलाकर निर्मम तरीके से मार डाला गया। मामले में अब तक 20 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। 

 

टीएमसी नेता की हत्या से उपजा था विवाद
गौरतलब है कि बीते दिनों पश्चिम बंगाल के वीरभूम स्थित बागुतई गांव में टीएमसी नेता की हत्या की घटना के बाद हिंसा भड़की। यहां असामाजिक तत्वों ने एक मकान में लोगों को बंद कर आग लगा दी। आगजनी की इस घटना में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में महिलायें और बच्चे भी शामिल हैं।

इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार आलोचना का सामना कर रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हालांकि घटनास्थल पर गईं। उन्होंने एसआईटी का गठन किया। हालांकि, मामले को कोलकाता हाईकोर्ट ने संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी है। 

हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंपी मामले की जांच
सीबीआई की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच कर रही है। इस बीच घटना को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। फॉरेसिंक जांच में पता चला है कि जलाने से पहले लोगों को बुरी तरीके से पीटा गया। उन पर धारदार हथियार से भी हमला किया गया। आशंका है की पीट-पीटकर बेहोश कर दिए जाने के बाद आरोपियों ने मृतकों को कमरे में बंद करके घर में आग लगी। शव इतनी बुरी तरह जल गये थे कि उनको पहचानना मुश्किल हो गया था। 

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
बता दें कि टीएमसी नेता और गांव के उप-प्रधान भादू शेख की हत्या के बाद उस पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों पर हमला किया और जलाकर मार डाला। गांव में घटना की वजह से दहशत का माहौल है। लोग गांव छोड़कर भाग रहे हैं। बंगाल बीजेपी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रही है। गृहमंत्री ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। चूंकि घटना में महिलाओं और बच्चों की जान भी गई है इसलिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी रिपोर्ट मांगी है।