अलीगंज/लखनऊ:
13 किलो सोना और 9 किलो चांदी समेत 20 करोड़ रुपये की ज्वेलरी मिली है। छापे में 1 करोड़ 62 लाख रुपया कैश मिला है। कम से कम 15 चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। सोने-चांदी की ईंट और बिस्किट के अलावा करोड़ों की नकदी दबाकर बैठे अधिकारी का नाम ललित कुमार है। जनाब ललित कुमार आगरा में एआरटीओ हैं। सरकार को लंबे समय से एआरटीओ ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिल रही थी। आखिरकार विजिलेंस की टीम ने अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में ललित कुमार के घर पर छापा मारा तो वहां कुबेर का खजाना मिला। नकदी अलग-अलग पैकेट में छिपाकर रखी गई थी। सोने-चांदी की ईंटें, सिल्लियां, बिस्कुट और ज्वेलरी का कुल वजन 22 किलो है। नकदी और गहने मिलाकर अब तक 20 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है।
उत्तर प्रदेश-
— Gaurav Singh Sengar (@sengarlive) July 8, 2026
परिवहन विभाग के रिटायर अफसर ललित कुमार पर UP विजिलेंस की कार्रवाई , 13 किलो सोना , नौ किलो चाँदी आदि आदि बरामद , DGP राजीव कृष्ण ने टीम को एक लाख रुपये शाबाशी राशि का ऐलान किया !! pic.twitter.com/3pxVyy80kR
आलीशान बंगले और प्लॉट का भी पता चला है
ललित कुमार के पास अलीगंज में आलीशान बंगले के अलावा 2 बड़े प्लॉट, मोहनलालगंज और बालकगंज में 2-2 प्लॉट और खेती की जमीन मिली है। उनकी कीमत भी करोड़ों में है। गौरतलब है कि ललित कुमार परिवहन विभाग में सरकारी मुलाजिम हैं। विजिलेंस की टीम ललित कुमार के घर पर मिली संपत्तियों का मूल्यांकन करने में लगी है। दस्तावेजों को खंगाला जा रहा, ताकि पता लगाया जा सके कि ललित कुमार की काली कमाई का साम्राज्य कहां तक फैला है।

मूलरूप से रायबरेली निवासी हैं ललित कुमार
गौरतलब है कि ललित कुमार परिवहन विभाग के सेवानिवृत्त मुलाजिम हैं। गौरतलब है कि मूलरूप से यूपी के रायबरेली के रहने वाले ललित कुमार इन दिनों लखनऊ के अलीगंज स्थित सेक्टर-ई के चंद्रलोक कॉलोनी में रह रहे हैं। ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में केस नंबर 10/2024 के अंतर्गत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1) और 13 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।