द फॉलोअप डेस्क
असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने स्कूल न जाने वाले बच्चों, पढ़ाई छोड़ने वाले और लंबे समय से अनुपस्थित छात्रों की पहचान करने, उन्हें ट्रैक करने और मुख्यधारा में लाने के लिए एक व्यापक राज्य-व्यापी सर्वे, "शिक्षा यात्रा - चुनौतियों से आकांक्षाओं तक" शुरू किया है। यह सर्वे 20 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक स्कूल के अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों में घर-घर जाकर किया जाएगा। इसमें स्कूल प्रबंधन समितियों, शिक्षा स्वयंसेवकों, जिला गुणवत्ता प्रबंधकों और अन्य फील्ड-लेवल अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी होगी। PLFS सर्वे 2025 के अनुसार, असम में 14-18 आयु वर्ग के अनुमानित 4,52,321 बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। राज्य ने वित्त वर्ष 2025-26 में 5,273 बच्चों और वित्त वर्ष 2026-27 में 6,953 बच्चों के लिए ओपन स्कूलिंग के माध्यम से सहायता का प्रस्ताव दिया है, जो योग्य बच्चों की पहचान करने और उन्हें वापस शिक्षा से जोड़ने के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता को उजागर करता है।
4,43,954 छात्रों पर ध्यान केंद्रित करने की कवायद
यह सर्वे विशेष रूप से उन 4,43,954 छात्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा जो 45 दिनों से अधिक समय से अनुपस्थित हैं और उन 68,410 छात्रों पर जो कक्षा V, VIII और X के बाद स्कूल छोड़ चुके हैं। कुल 2,862 सर्वेक्षक तैनात किए जाएंगे, जिनमें 2,733 जिला गुणवत्ता प्रबंधक और आवासीय व गैर-आवासीय विशेष प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े शिक्षा स्वयंसेवक शामिल होंगे। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सर्वेक्षकों को सटीक पहचान, सत्यापन और डेटा एंट्री के लिए सर्वे ऐप का उपयोग करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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