डेस्क:
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर पश्चिम बंगाल से कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के ट्विटर अकाउंट से एक आपत्तिजनक ट्वीट किया गया। राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए इस पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री का वो विवादित कथन कोट किया गया था जो उन्होंने कथित तौर पर इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देशभर में सिखों के खिलाफ भड़की हिंसा के संदर्भ में कहा था। हालांकि, अधीर रंजन के ऑफिशियल हैंडल से पोस्ट किए गये इस ट्वीट को हटा लिया गया।
Congress leader Adhir Ranjan Chowdhury's now-deleted tweet; he had posted this earlier today. pic.twitter.com/EF77RlskQE
— ANI (@ANI) May 21, 2022
अधीर रंजन ने ट्वीट को बताया साजिश
अब कांग्रेस के लोकसभा सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इस ट्वीट को साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि मैं पूरे विश्वास और विनम्रता के साथ कहता हूं कि किसी शरारती तत्व ने दुर्भावनावश मेरे नाम का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि घटिया मानसिकता के कुछ लोगों ने मेरे और कांग्रेस पार्टी के प्रति लोगों के मन में दुर्भावना भरने के उद्देश्य से ऐसा किया।

अधीर रंजन ने ट्वीट में लिखी बातों का खंडन किया
अधीर रंजन ने कहा कि मेरे नाम से किए गये उस ट्वीट तथा उसमें लिखी बातों का मैं पूरजोर खंडन करता हूं। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मामला साइबर क्राइम का लगता है। मैं आज ही उन अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रहा हूं।

राजीव गांधी ने साल 1984 में क्या कहा था!
गौरतलब है कि साल 1991 में आज ही के दिन राजीव गांधी की हत्या श्रीपेरंबदूर में उस वक्त कर दी गई थी जब वो एक चुनावी रैली को संबोधित करने गये थे। देशभर के तमाम बड़े नेताओं ने राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि अधीर रंजन के ट्विटर हैंडल से किए गये पोस्ट में जिस उद्धरण का जिक्र था, उसे राजीव गांधी ने कथित तौर पर साल 1984 में तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों के खिलाफ भड़की हिंसा और नरसंहार के संदर्भ में कहा था।