अहमदाबाद:
भारतीय स्टेट बैंक सहित कई अन्य बैंकों से 22 हजार 842 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक गुजरात की एबीजी शिपयार्ड और एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड इस फर्जीवाड़े में शामिल थी। सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक कंपनी ने अप्रैल 2012 से लेकर जुलाई 2017 के बीच बैंकों को चुना लगाया। कहा जा रहा है कि सीबीआई द्वारा दर्ज बैंक धोखाधड़ी का ये सबसे बड़ा मामला है। पुलिस ने इसके एमडी और अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

बैंकों से कर्ज लिया लेकिन लौटाया नहीं
केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने मामले में एबीजी शिपयार्ड के तात्कालीन अध्यक्ष और एमडी सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कंपनी पर एसबीआई के अगुवाई वाले बैंकों के संघ से 22,842 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है।
मिली जानकारी के मुताबिक कंपनी ने सबसे पहले एसबीआई से 2,925 करोड़ रुपये का कर्ज लिया लेकिन चुकाया नहीं। बाद में एबीजी शिपयार्ड ने कई और बैंकों से कर्ज लिया लेकिन नहीं चुकाया। सीबीआई ने मामले में एबीजी शिपयार्ड के निदेशक ऋषि अग्रवाल और संथानम को आरोपी बनाया गया है। फिलहाल इनसे पूछताछ की तैयारी है।

किस बैंक से कंपनी ने कितना कर्ज लिया
सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक कंपनी ने इंडियन ओवरसीज बैंक से 1,228 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक से 1,244 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा से 1,614 करोड़, आईसीआईसीआई बैंक से 7.089 करोड़, आईडीबीआई बैंक से 3,634 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। बैंकों ने आंतरिक जांच में पाया कि कंपनी अलग-अलग संस्थानों को धन भेजकर बैंकों को धोखा दे रही है।