द फॉलोअप डेस्क
वेदांता की प्रमुख सामाजिक पहल नंद घर ने पोषण माह 2025 की शुरुआत की है, जो 15 राज्यों के 3.5 लाख से अधिक परिवारों तक पहुँचेगा। “पोषण से प्रगति” विषय पर आधारित इस अभियान के तहत पोषण, बाल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ और महिला सशक्तिकरण जैसी एकीकृत सेवाएँ उपलब्ध करायी जाएंगी। नंद घर की पोषण रणनीति तीन स्तंभों पर आधारित है। प्रत्यक्ष पोषण सहायता (फोर्टिफाइड सप्लीमेंट्स, न्यूट्री बार्स, प्रोटीन शेक), सामुदायिक जागरूकता (अभिभावक प्रशिक्षण, बच्चों की वृद्धि निगरानी, स्थानीय आहार प्रथाएँ) और प्रौद्योगिकी व साझेदारी (आधुनिक उपकरण और विश्वसनीय संस्थाएँ)। इस एकीकृत सहयोग से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।

12 सितम्बर से देश भर के नंद घर, पोषण जागरूकता के केंद्र बनेंगे। अभियान में रेसिपी प्रदर्शन, अभिभावक प्रशिक्षण, मातृ स्वास्थ्य व आहार प्रथाओं पर सत्र, नुक्कड़ नाटक, वेबिनार और डिजिटल कैंपेन शामिल होंगे। साथ ही ग्रामीण बच्चों को फोर्टिफाइड पोषण सप्लीमेंट्स वितरित किए जाएंगे। नंद घर के सीईओ शशि अरोड़ा ने कहा कि पोषण माह हमें याद दिलाता है कि भारत की प्रगति के लिए पोषण कितना महत्वपूर्ण है। नंद घर में हमारा संकल्प है कि हर ग्रामीण बच्चा और माँ सही पोषण और ज्ञान तक पहुँचे, ताकि वे स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर सकें। 15 राज्यों में समुदायों की भागीदारी के साथ हम जागरूकता को कार्रवाई में बदल रहे हैं और स्थायी प्रभाव उत्पन्न कर रहे हैं।
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ईएसएल स्टील लिमिटेड के डिप्टी सीईओ रविश शर्मा ने कहा कि हमारा मानना है कि पोषण स्वस्थ समाज और मज़बूत राष्ट्र की ओर पहला कदम है। नंद घर की पोषण माह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो ग्रामीण भारत के परिवारों को पोषण से जुड़ी जानकारी और सही आदतें अपनाने का अवसर देती है। हमें गर्व है कि हम वेदांता के समग्र विकास के विज़न का हिस्सा हैं, जहाँ स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण साथ-साथ चलते हैं। वर्तमान में 15 राज्यों में 9,000 से अधिक नंद घर केंद्र कार्यरत हैं, जो 3.6 लाख बच्चों और 2.7 लाख महिलाओं तक अपनी पहुंच बना चुके हैं।
