द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा जिले में सोमवार की रात हादसों से भरी रही। दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में एक वृद्ध की जान चली गई, जबकि एक बच्चे सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन घटनाओं ने सड़क सुरक्षा और नशे में वाहन चलाने के खतरों को फिर एक बार उजागर किया। पहली घटना करमाटांड़ थाना क्षेत्र के भरकट्टा इलाके में सोमवार रात करीब 11:30 बजे हुई। यहां एक अनियंत्रित टेंपो (तीन-पहिया वाहन) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जानकारी के अनुसार, टेंपो में सवार यात्री बार-बार चालक से गाड़ी धीरे चलाने का आग्रह कर रहे थे, क्योंकि वह शराब के नशे में था। चालक ने यात्रियों की चेतावनी अनसुनी कर दी, जिससे गंभीर टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में मोहनपुर बिराजपुर निवासी 65 वर्षीय शंकर महतो की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। वहीं 32 वर्षीय शनिचर सिंह की रीढ़ की हड्डी टूट गई है, उन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर किया गया। इसके अलावा एक 11 वर्षीय बच्चा भी घायल हुआ। करमाटांड़ पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त टेंपो जब्त कर लिया है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है।
दूसरी दुर्घटना सोमवार रात करीब 09:30 बजे चित्तरंजन के फिल्टर हाउस WD इलाके में हुई। यहां मिहिजाम के अंबेडकर नगर निवासी 30 वर्षीय सुभम शर्मा (बाइक संख्या: JH 21N/4478) एक भीषण हादसे का शिकार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि सुभम मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण घायल को काफी देर तक तकलीफ सहनी पड़ी। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें दुर्गापुर रेफर किया गया। मौके पर पहुंची RPF टीम ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि लापरवाही और नशे में वाहन चलाना केवल चालक के लिए ही नहीं, बल्कि निर्दोष यात्रियों के लिए भी जानलेवा साबित होता है।
