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धनबाद में जहरीली गैस का रिसाव जारी, दो महिलाओं की मौत; इलाके में दहशत और विरोध प्रदर्शन तेज

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द फॉलोअप डेस्क
धनबाद के केंदुआडीह थाना क्षेत्र स्थित चिल्ड्रन पार्क के पास अग्नि और भू-धसान प्रभावित राजपूत बस्ती में पिछले दो दिनों से जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का रिसाव जारी है। इसी बीच क्षेत्र में रहने वाली दो महिलाओं प्रियंका देवी (बुधवार) और ललिता देवी (गुरुवार) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आशंका व्यक्त की जा रही है कि जहरीली गैस के असर से इनकी जान गई, हालांकि सटीक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। लगभग एक दर्जन बच्चों और महिलाओं के बीमार होने की जानकारी भी सामने आई है। गैस रिसाव और लगातार हो रही मौतों से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है।


10 हजार की आबादी पर खतरा, कई परिवार घर छोड़ने को मजबूर
बंद पड़ी भूमिगत केंदुआडीह कोलियरी के 13 और 14 नंबर सिम से गैस दो दिनों से बाहर निकल रही है। गैस का असर राजपूत बस्ती, मस्जिद मोहल्ला, ऑफिसर कॉलोनी समेत लगभग 10 हजार आबादी वाले इलाके में देखा जा रहा है। दुर्गंध और जहरीले धुएँ के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, कई परिवार घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। बीसीसीएल लगातार माइकिंग कर लोगों से घर खाली करने की अपील कर रहा है। कंपनी ने दो स्थानों पर टेंट लगाकर 15–20 परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय भी बनाया है।
 

गैस रिसाव के खिलाफ सड़कों पर उतरे ग्रामीण, धनबाद–रांची रोड जाम

गैस से दो मौतों के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने धनबाद–रांची मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और सड़क पर टायर जलाकर बीसीसीएल और जिला प्रशासन के खिलाफ तीखा विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उन्हें तुरंत सुरक्षित पुनर्वास और मुआवजा दिया जाए तथा गैस रिसाव के स्रोत की पहचान कर तुरंत बंद किया जाए। स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार ठाकुर ने कहा कि दो महिलाओं की मौत हो चुकी है और 15–20 लोग बीमार हैं। “अगर गैस रिसाव नहीं रुका तो और लोगों की जान जा सकती है,” उन्होंने कहा।


बीसीसीएल प्रबंधन पर सवाल, विशेषज्ञ एजेंसियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने बीसीसीएल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नोटिस देने के बावजूद कंपनी ने रहने के लिए विकल्प उपलब्ध नहीं कराया। उन्होंने डीजीएमएस, सीआईएमएफआर और आईएसएम जैसे संस्थानों से तुरंत बैठक कर समाधान निकालने की अपील की। प्रोजेक्ट ऑफिसर लखन लाल वर्णवाल ने बताया कि करीब 15 वर्षों से बंद पड़ी कोलियरी में गैस जमा थी, जो अब जमीन में आई दरारों से बाहर निकल रही है। लगभग 400 फीट के दायरे में गैस का प्रभाव दिख रहा है। पुटकी–बलिहाटी कोलियरी क्षेत्र के महाप्रबंधक जीसी साहा ने कहा कि यह इलाका आग से प्रभावित है और पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। “स्थायी समाधान तभी संभव है जब पूरा इलाका खाली कराया जाए,” उन्होंने कहा।