द फॉलोअप डेस्क
साल 2025 अब विदा ले रहा है और बुधवार रात जैसे ही कैलेंडर बदलता है, वित्त और आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम भी बदल जाएंगे। 1 जनवरी 2026 से बैंकिंग, टैक्स और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में नई चुनौतियां और अवसर सामने आएंगे। सरकार और नियामकों द्वारा किए गए ये बदलाव न सिर्फ आपकी वित्तीय सुरक्षा बढ़ाएंगे, बल्कि लापरवाही बरतने पर जेब पर भारी भी पड़ सकते हैं।

आइए जानते हैं कि नए साल से क्या-क्या बदलने वाला है:
1. आठवां वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बढ़ोतरी
एक जनवरी 2026 से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू होने की संभावना है। सातवें वेतन आयोग के कार्यकाल समाप्त होने के बाद लगभग 1.2 करोड़ लोगों के वेतन और पेंशन में 15% से 20% की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे उनकी खरीद शक्ति और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
2. साप्ताहिक क्रेडिट स्कोर अपडेट: लोन लेना होगा आसान
अब सीबिल और अन्य क्रेडिट ब्यूरो हर महीने की बजाय हर हफ्ते आपका क्रेडिट स्कोर अपडेट करेंगे। इसका मतलब है कि अगर आप ईएमआई में एक दिन भी लेट होंगे तो यह तुरंत रिकॉर्ड होगा। वहीं, समय पर भुगतान करने वाले ग्राहकों का स्कोर तेजी से सुधरेगा, जिससे उन्हें बैंक से सस्ता और त्वरित ऋण मिलने में मदद मिलेगी।

3. पैन-आधार लिंकिंग: लापरवाही महंगी पड़ सकती है
31 दिसंबर तक पैन और आधार लिंक नहीं कराने वाले लोग अब सतर्क हो जाएं। 1 जनवरी से लिंक न होने पर आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा। इसके बाद आप म्यूचुअल फंड में निवेश, बैंक खाता खोलना या टैक्स रिफंड जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे। पैन कार्ड को पुनः सक्रिय कराने के लिए भारी जुर्माना भी लग सकता है।
4. यूपीआई और डिजिटल भुगतान: सुरक्षा बढ़ेगी
डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए गूगल पे, फोन पे और अन्य यूपीआई ऐप्स में नए सख्त केवाईसी नियम लागू होंगे। मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन और अकाउंट लिंकिंग में ‘सिम बाइंडिंग’ जैसी अतिरिक्त सुरक्षा लेयर जोड़ी जाएगी, जिससे फर्जी अकाउंट्स के जरिए फ्रॉड पर लगाम लग सकेगी।

5. किसान योजना और पीएम-किसान सम्मान निधि
अब किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि की अगली किस्त पाने के लिए विशिष्ट यूनिट आइडी की आवश्यकता होगी। इसके बिना फंड नहीं मिलेगा। साथ ही, नए फसल बीमा नियमों के तहत जंगली जानवरों के कारण हुए नुकसान पर भी किसानों को मुआवजा मिलेगा।
6. आयकर में सरलीकरण: नया आईटीआर फॉर्म
सरकार पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को बदलकर नया कानून लागू करने की तैयारी में है। 1 जनवरी से करदाताओं को अधिक जानकारी वाले ‘प्री-फिल्ड’ आईटीआर फॉर्म मिलेंगे। इसका उद्देश्य टैक्स फाइलिंग को आसान, पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाना है।