भंडरिया/गढ़वा:
गढ़वा में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। बीते रविवार को भंडरिया थानाक्षेत्र अंतर्गत तेवाली गांव में बाघ ने एक भैंस का शिकार किया। डीएफओ एबीन बेनी अब्राहम ने भी बाघ होने की पुष्टि की है। वन विभाग की टीम बाघ की तलाश में जुटी है। हालिया घटनाक्रम से लोगों में दहशत है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर ना जाएं।

जंगल में चरने गई भैंस का शिकार किया
तेवाली गांव के अर्जुन सिंह ने बताया कि बीते रविवार की शाम को करीब 5 बजे उसकी भैंस जंगल की ओर चली गई थी। देर तक वापस नहीं लौटी तो वे सोमवार को परिवार के बाकी सदस्यों के साथ उसे ढूंढ़ते हुए जंगल की ओर गए। काफी खोजबीन के बाद जोन्हीखाड़-तेवाली जंगल में नदी के किनारे कोरेणडूबा में भैंस की लाश मिली। ग्रामीणों का कहना है कि भैंस के शव की स्थिति देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं था कि इसका शिकार बाघ ने किया है।
दावा है कि घटनास्थल पर बाघ के पंजे का निशान भी मिला। ग्रामीणों की सूचना पर फॉरेस्टर कमलेश कुमार, तुषार कुमार और उपेंद्र कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण करके जरूरी जानकारी जुटाई।

डीएफओ ने बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की
डीएफओ एबिन बेनी अब्राहम ने बताया कि भैंस का शिकार बाघ ने ही किया है। उसने शव का कुछ हिस्सा खाया भी है। घटनास्थल पर बाघ के पंजों का निशान मिला है, औऱ उसकी पुष्टि के लिए वन विभाग की टीम जांच में जुटी है। जंगल में ट्रैकर कैमरे लगाए जाएंगे। डीएफओ ने कहा कि भैंस के मालिक अर्जुन सिंह को मुआवजा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि बाघ ने जंगल में काफी भीतर भैंस का शिकार किया है।