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नैस रिपोर्ट  : राज्य में छोटे बच्चों की पढाई का स्तर देश के औसत स्तर से नीचे

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रांची  :
झारखंड में प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों के पढाई का स्तर चिंताजनक है। प्रदेश के छात्र देश के छात्रों के औसत प्रदर्शन की बराबरी नहीं कर पा रहे। यह खुलासा CBSE की राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे परीक्षा (NAS) में हुआ है। यह परीक्षा पिछले साल 2021 में आयोजित की गई थी। नैस ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट जारी कर दी। रिपोर्ट में देशभर में स्कूली शिक्षा का राज्यवार तरीके से तुलनात्मक अध्यन किया गया हैं।रिपोर्ट के अनुसार झारखंड के कक्षा 3 और 5 के बच्चे राष्ट्रीय स्तर के औसत अंको से भी पीछे हैं। यह रिपोर्ट दर्शाता है कि 8 वी और 10 वी कक्षा के छात्रों की स्थिति थोड़ी बेहतर है। 

राज्य और देश के अंको में कितना का फर्क 
रिपोर्ट के मुताबिक़ तीसरी कक्षा के छात्रों का राष्ट्रीय स्तर पर औसत अंक भाषा में 62  गणित में 57  और विज्ञान में 57  है। वही प्रदेश के सन्दर्भ में यह आंकड़ा घटकर भाषा में 58 , गणित में 53 और विज्ञान में 54  हो जाता है। रिपोर्ट में कक्षा 5 वी के छात्रों का राष्ट्रीय स्तर पर औसत अंक भाषा में 55 गणित में 44 और विज्ञान में 48 है। वही प्रदेश के सन्दर्भ में यह आंकड़ा घटकर भाषा में 52, गणित में 40 और विज्ञान में 46 हो जाता है। प्रदेश के दसवीं के छात्रों ने प्राथमिक छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। लेकिन,आकड़े बहुत खुश करने वाले नहीं है। 

क्या होती है नैस रिपोर्ट 
National Achievement Survey (NAS ) एक परीक्षा है।यह परीक्षा भारत सरकार द्वारा स्कूली शिक्षा का सर्वे और गुणवता जांच के ख्याल से ली जाती है। पिछले वर्ष 2021 के पहले यह परीक्षा साल 2017 में ली गई थी। इस परीक्षा के परिणामों से यह तय होता है कि स्कूली बच्चो के पढाई का स्तर क्या है। यह परीक्षा हर 3 वर्ष पर लेने का प्रावधान है। साल 2020 में यह परीक्षा कोविड के कारण नहीं हो सकी थी।