द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
Jharkhand Breaking: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट से झटका मिला है। हाईकोर्ट ने पीएमएलए कोर्ट द्वारा उनके विरुद्ध चार्जफ्रेम किए जाने संबंधी याचिका पर राहत नहीं मिली। बड़गाईं अंचल के 8.86 एकड़ जमीन घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि इस केस को ग्राउंड बनाकर नहीं ले सकते रिलीफ। हाईकोर्ट ने इस मामले में ईडी को सप्लीमेंट्री एफिडेफिट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब PMLA कोर्ट में आज उनके विरुद्ध चार्ज फ्रेम पर शाम 04:15 बजे सीएम को हाजिर होना होगा।

जानिए क्या है पूरा मामला
पूरा मामला रांची के बड़गाई अंचल के 8.86 एकड़ जमीन के अवैध हस्तांतरण से जुड़ा है। इस मामले में पीएमएलए कोर्ट में सुनवाई हो रही है। 8 जून 2026 को विशेष अदालत ने सोरेन के डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया था। कहा था कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है। 21 सितंबर को अदालत ने आरोप गठन टालने की उनकी मांग भी ठुकरा दी थी। इसके विरुद्ध हेमंत सोरेन हाईकोर्ट गए। 18 सितंबर को हाईकोर्ट ने डिस्चार्ज पिटीशन खारिज करने का आदेश बरकरार रखा। 24 सितंबर को सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पीएमएलए कोर्ट में पेश होकर दस्तावेज देखने के लिए समय मांगा। अदालत ने कहा कि यह चरण आरोप गठन का है, दस्तावेज निरीक्षण का नहीं। सोरेन ने आरोप गठन रोकने के लिए फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनकी दलील थी कि ED की जांच पूरी नहीं हुई। याचिका में PMLA की धारा 44(1)(d) की वैधता को भी चुनौती दी गई थी। इसके बाद पीएमएलए कोर्ट ने चार्ज फ्रेम के लिए 30 सितंबर की तिथि निर्धारित की। इसेक विरुद्ध हेमंत सोरेन फिर हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट ने 30 सितंबर को मुख्यमंत्री को राहत नहीं दी। अब 30 सितंबर को शाम 4.15 बजे पीएमएलए कोर्ट में चार्जफ्रेम पर सुनवाई है। इसमें सीएम को वीडियो कंफ्रेंसिंग के जरिए हाजिर होना है।

16 सह-आरोपियों पर पहले ही गठित हो चुके थे आरोप
इस मामले में विशेष अदालत पहले ही 16 सह-आरोपियों पर आरोप गठित कर चुकी है, जिनमें पूर्व राजस्व अधिकारी भानु प्रताप प्रसाद, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, बिपिन सिंह, राजकुमार पाहन, अफसर अली और मोहम्मद सद्दाम हुसैन शामिल हैं। ED सोरेन समेत करीब 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ED के अनुसार बड़गाईं/बड़ियातू इलाके की विवादित जमीन की खरीद, कब्जे और रिकॉर्ड में हेरफेर के पीछे एक संगठित प्रक्रिया रही है। एजेंसी का दावा है कि दस्तावेजों में जालसाजी हुई और सरकारी रिकॉर्ड का दुरुपयोग कर जमीन पर अधिकार जमाने की कोशिश की गई। ED ने हेमंत सोरेन को 31 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था, इससे ठीक पहले सीएम हेमंत सोरेन ने सीएम पद से इस्तीफे दे दिया था।