गुमला
गुमला में सड़क सुरक्षा को चाक-चौबंद करने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला परिवहन विभाग ने एक बड़ा अभियान चलाया। उपायुक्त दिलेश्वर महतो के निर्देश पर की गई कार्रवाई से वाहन चालकों के बीच हड़कंप मच गया। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने गुमला-रायडीह मुख्य मार्ग पर मोर्चा संभाला। प्रशासन की इस अचानक सक्रियता से नियम तोड़ने वाले चालकों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। अभियान के दौरान मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कुल चार लाख तिरासी हजार रुपये (₹4,83,000) का राजस्व जुर्माने के रूप में वसूला गया।

तय नियमों के तहत जुर्माना
जांच टीम ने मुख्य रूप से भारी मालवाहक वाहनों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों से तय नियमों के तहत जुर्माना वसूला गया। क्षमता से अधिक माल ढोने वाले ट्रक और हाइवा पर भारी आर्थिक दंड लगाया गया। विशेष रूप से उन वाहनों को रोका गया जिन्होंने निर्धारित लंबाई/चौड़ाई से अधिक सामान लाद रखा था। दस्तावेजों की पड़ताल में बिना बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, वैध परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस के चल रहे वाहनों की गहन जांच की गई। मॉडिफिकेशन के रूप में गाड़ियों में लगी अवैध एक्स्ट्रा LED लाइटों और नंबर प्लेट छिपाने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। हेलमेट पर सीधा संवाद करते हुए बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों को न केवल दंडित किया गया, बल्कि उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया।

मानवीय जिंदगियों को सुरक्षित करना
इस दौरान DTO ज्ञान शंकर जायसवाल ने सख्त लहजे में स्पष्ट कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि सड़कों पर बहुमूल्य मानवीय जिंदगियों को सुरक्षित करना है। नियम तोड़ने से न केवल बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा रहता है, बल्कि यह वाहन मालिकों के लिए भी भारी आर्थिक परेशानी का कारण बनता है। हम चाहते हैं कि लोग नियमों का स्वतः पालन करें। प्रशासन की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि गुमला की सड़कों पर लापरवाही बरतने वालों और सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में जिले के अन्य मुख्य मार्गों पर भी इसी तरह के जांच अभियान जारी रहने की संभावना है। वहीं वाहन जांच अभियान के दौरान मोटरयान निरीक्षक रॉबिन अजय सिंह भी शामिल थे।