logo

रांची में महिला की घर में घुसकर हत्या, जेवर और कैश गायब; ड्राइवर का फोन ऑफ

ेपोन39.jpg

द फॉलोअप डेस्क
रांची के हटिया स्थित सिंहमोड़ के विजेता इंक्लेव में रहने वाली एक बुजुर्ग दिव्यांग महिला की उनके ही फ्लैट में बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधियों ने देर रात फ्लैट में घुसकर महिला का गला रेत डाला और घर में रखे लाखों के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। मृतका की पहचान विश्वासी हन्ना तिरू (60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो लंबे समय से इस फ्लैट में अकेले रह रही थीं। घटना की जानकारी मिलने पर जगन्नाथपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से कई साक्ष्य जब्त किए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा और बाद में परिजनों को सौंप दिया। महिला के भतीजे अनिल कुमार तिरू की शिकायत पर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अनिल ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार शाम वह अपनी चाची को खाना देने फ्लैट पर पहुँचे तो दरवाजा खुला मिला। अंदर जाने पर उन्होंने चाची को खून से लथपथ जमीन पर गिरा देखा। गले को तेज धारदार ब्लेड से काटा गया था। पास ही खून से सना ब्लेड भी फर्श पर पड़ा था। अलमारी खुली थी और कीमती जेवरात व नकदी गायब थे, जिससे लूट की मंशा की आशंका मजबूत होती है। 


अनिल कुमार तिरू ने पुलिस को बताया कि उनके छोटे चाचा स्टीफन तिरू मेकॉन में कार्यरत थे। 2022 में सेवानिवृत हुए और लटमा रोड में विजेता इनक्लेव में पत्नी के साथ रहते थे लेकिन उनका निधन 2024 में हो गया। इसके बाद उनकी चाची अकेले उस फ्लैट में रह रही थी। उनके पैर काम नहीं करते थे, जिसकी वजह से वह वाकर से जरीए चलती थी। आसपास में रहने वाले परिजन उन्हें खाना-पानी देने के लिए समय-समय पर फ्लैट में जाया करते थे। जगन्नाथपुर थानेदार दिग्विजय सिंह के अनुसार दिव्यांग बुजुर्ग विश्वासी तिरू के पास एक चार पहिया वाहन है, उन्हें कहीं जाना होता था तो चालक उसे अपने साथ ले जाया करता था। कर्रा से एक महीने पहले विश्वासी कार से ही लौटीं थी, इसके बाद चालक कार लेकर चला गया।


थानेदार दिग्विजय सिंह का कहना है कि चालक का मोबाइल भी स्वीच आफ है। हालांकि जल्द ही चालक के घर पुलिस जाएगी और उससे पूछताछ करेगी। बताया जा रहा है कि मेकॉन कॉलोनी निवासी सलोमी होरा से भी पुलिस पूछताछ करेगी। सलोमी होरा बुजुर्ग विश्वासी के लिए खाना खुद बनाकर खिलाया करती थी। 30 नवंबर को उनके चाची के भाई की लड़की एलिन सांगा चार दिन रहकर 30 नवंबर को अपने घर खूंटी चली गई थीष चाची बिल्कूल अकेले रह रही थी.