द फॉलोअप डेस्क
रांची के रातू थाना क्षेत्र से लापता किशोरी नंदिनी की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि किशोरी की हत्या करने के बाद उसका शव बिहार के गया ले जाकर जला दिया गया। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सुबोध पाठक, उसके बेटे राहुल उर्फ अक्षय पाठक और एक एंबुलेंस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। रातू थाना प्रभारी आदिकांत महतो ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि हो चुकी है और मामले का विस्तृत खुलासा जल्द किया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या से जुड़ी अहम जानकारियां दी हैं, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

स्थानीय लोगों और किशोरी की सहेलियों ने भी कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि अक्षय पाठक अक्सर नंदिनी के साथ मारपीट करता था। किशोरी ने अपनी सहेलियों से इस बात की शिकायत भी की थी। आसपास की महिलाओं ने भी उसके साथ दुर्व्यवहार होने की पुष्टि की है। घटना से पहले 2 अप्रैल की रात झखराटांड़ के ग्रामीणों ने सुबोध पाठक के घर का घेराव कर किशोरी के बारे में जानकारी मांगी थी। उस समय परिजनों ने उसे गांव भेजे जाने की बात कही और कुछ दिनों में वापस लाने का लिखित आश्वासन भी दिया। पुलिस टीम ग्रामीणों के साथ बिहार भी गई, जहां एक व्यक्ति ने खुद को किशोरी का पिता बताया और उसके घर आने व फिर चले जाने की बात कही। स्थानीय स्तर पर इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस लौट आई थी।
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हालांकि, बाद में मामला संदिग्ध लगने पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी अक्षय पाठक ने हत्या की बात कबूल की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस संबंध में आरोपी के परिवार के अन्य सदस्यों और एंबुलेंस चालक को भी हिरासत में लिया है। मामले में कमलेश मेमोरियल अस्पताल के चिकित्सक अमरेश पाठक की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पुलिस जब उसे पकड़ने अस्पताल पहुंची, तब वह फरार मिला। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।