रांची:
झारखंड में सियासी उथल-पुथल उफान पर है। कोई कांग्रेस पार्टी छोड़ रहा है तो कोई कांग्रेस में वापस आ रहा है। कोई रूठ रहा है तो कोई मना रहा है। इस बीच झारखंड बीजेपी भी तंज कसने में पीछे नहीं है। ताजा शिगूफा छेड़ा है भारतीय जनता पार्टी के विधायक भानुप्रताप शाही ने। भानुप्रताप शाही ने लोहरदगा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक और प्रदेश के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव को बीजेपी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
भानुप्रताप शाही ने फेसबुक पर दिया न्योता
भानुप्रताप शाही ने फेसबुक में डॉ. रामेश्वर उरांव की एक तस्वीर डाली है। उस तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा है कि रामेश्वर चाचा का भाजपा में स्वागत है। भानुप्रताप शाही ने एक ट्वीट भी किया है। यहां डॉ. रामेश्वर उरांव को टैग करते हुए लिखा है कि आदरणीय डॉ. रामेश्वर उरांव चाचा अब क्या होगा। सुखदेव भगत कांग्रेस में आ गए हैं। अब आपका भाजपा में स्वागत है। गौरतलब है कि सुखदेव भगत और प्रदीप बालमुचू ने सोमवार को ही कांग्रेस में वापसी की है।

उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है कांग्रेस
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी में काफी उथल-पुथल रही है। पहले तो कांग्रेस प्रभारी रहे आरपीएन सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर बीजेपी ज्वॉइन कर ली। इसके बाद अविनाश पांडे को झारखंड कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया। उनके पद संभालते ही गीताश्री उरांव ने पार्टी छोड़ दी। इस बीच सोमवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे सुखदेव भगत और प्रदीप बालमुचू ने कांग्रेस में वापसी कर ली।

डॉ. रामेश्वर उरांव नहीं चाहते थे सुखदेव की वापसी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झारखंड विधानसभा चुनाव-2022 से पहले प्रदीप बालमुचू आजसू पार्टी और सुखदेव भगत भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। चुनाव भी लड़ा लेकिन हार का सामना करना पड़ा। सुखदेव भगत ने कहा कि बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ना उनके राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी भूल थी। प्रदीप बालमुचू ने कहा कि कांग्रेस उनके डीएनए में है। घर वापसी करना काफी सुखद अहसास है। सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि सुखदेव काफी पहले से ही वापसी करना चाहते थे लेकिन डॉ. रामेश्वर उरांव नहीं चाहते थे कि उनकी वापसी हो।