द फॉलोअप डेस्क
छात्रवृति का मुद्दा इनदिनों झारखंड में गरम है। हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इसी बीच झारखंड के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने इस मुद्दे को केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहने दिया। उन्होंने विधानसभा में साफ कहा था कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वे खुद दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्री से मिलेंगे और छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए आवाज़ उठाएंगे। अपने उसी वादे को निभाते हुए चमरा लिंडा दिल्ली पहुंचे और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. रामदास अठावले से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान चमरा लिंडा ने झारखंड के छात्रों की पीड़ा को एक पत्र के माध्यम से सामने रखा। पत्र पढ़ते ही केंद्रीय राज्य मंत्री ने मामले की गंभीरता को समझा और तुरंत विभागीय सचिव को फोन कर निर्देश दिया कि झारखंड की छात्रवृत्ति मद में जो भी राशि बकाया है, उसे जल्द से जल्द क्लीयर किया जाए। बता दें कि छात्र लंबे समय से अपनी छात्रवृत्ति के इंतज़ार में हैं। वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की छात्रवृत्ति अब तक नहीं मिल पाई है। हालात ऐसे बन गए कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे छात्र आंदोलन करने को मजबूर हो गए हैं और सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। हर गुजरते दिन के साथ छात्रों की चिंता बढ़ती जा रही थी। पढ़ाई छूटने का डर, फीस न भर पाने की मजबूरी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी।
