द फॉलोअप डेस्क
गोड्डा के महागामा थाना क्षेत्र में बिहार STF और गोड्डा पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से चल रही मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है। टीम ने एक ठिकाने पर छापेमारी की। इस दौरान हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीन समेत कई उपकरण और अन्य सामान बरामद किए जाने की सूचना है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से घर के कई लोगों को हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध हथियार बनाने का काम कब से चल रहा था और इस पूरे मामले के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप
बिहार STF और गोड्डा पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस बरामद मशीन, उपकरण और अन्य सामान की जांच कर रही है। साथ ही हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर अवैध हथियार निर्माण से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। एसटीएफ अधिकारियों के साथ महगामा एसडीपीओ वरुण रजक के नेतृत्व में महगामा, हनवारा, ललमटिया, बोआरीजोर और मेहरमा थाना की पुलिस ने छापेमारी में सहयोग किया। पुलिस के मुताबिक, हर माह करीब 300 हथियारों की सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। एसटीएफ ने पवन तुरी पर इस कारोबार से करोड़ों रुपये की कमाई करने का भी दावा किया है।
पवन तुरी आरटीआई एक्टिविस्ट होने के साथ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय था
स्थानीय लोगों के अनुसार, पवन तुरी आरटीआई एक्टिविस्ट होने के साथ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय था। वह वाहन पर प्रेस लिखकर लोगों के बीच अपनी पहचान बनाता था। साथ ही, मानवाधिकार संगठन के पदाधिकारी के रूप में भी उसकी पकड़ थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि इसी पहचान के कारण वह क्षेत्र में प्रभाव रखता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन या रात में अक्सर तेज आवाज में साउंड बॉक्स पर फिल्मी गाने बजते थे। लोगों के अनुसार, मशीनों की आवाज को दबाने के लिए साउंड बॉक्स का इस्तेमाल किए जाने की संभावना है। वहीं, एसटीएफ की ओर से मिनी गन फैक्ट्री में करीब आठ मजदूरों के प्रतिदिन काम करने की संभावना जताई गई है।
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