द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड स्थित पंचखेरो जलाशय में बारिश के बाद करीब 20 टन मछलियों की मौत हो गई। इस घटना से मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों ने करीब एक करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान जताया है। उनके मुताबिक, जलाशय में अचानक जलस्तर बढ़ने और पानी के तेज बहाव के कारण मछलियां मर गईं। इस दौरान पानी में ऑक्सीजन की मात्रा भी तेजी से घट गई, जिससे मछलियों का जीवित रहना मुश्किल हो गया।

बाजार में बिक्री से पहले बर्बाद हुई मेहनत
अरकोसा पुनर्वास योजना के तहत स्थानीय मत्स्य पालक अजीत वर्मा, महेश वर्मा और अन्य किसानों ने समूह बनाकर जलाशय में केज कल्चर के जरिए तेलापिया मछली पालन शुरू किया था। मछलियों का वजन करीब एक किलोग्राम तक पहुंच चुका था और किसान जल्द ही उन्हें स्थानीय और बाहरी बाजारों में बेचने की तैयारी में थे। लेकिन अचानक हुई इस घटना ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों ने बताया कि उन्होंने बैंक और महाजनों से कर्ज लेकर कारोबार शुरू किया था। मछलियों की मौत से उनकी पूंजी डूब गई है और अब उनके सामने आजीविका चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

मुआवजे की मांग, प्रशासन ने बताया बीमा का प्रावधान नहीं
आर्थिक संकट से जूझ रहे मत्स्य पालकों ने जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग से जलाशय का निरीक्षण कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। हालांकि, नुकसान की कुल राशि की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मत्स्य पदाधिकारी विजय कुमार के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पानी में ऑक्सीजन की कमी होने से मछलियों की मौत की आशंका है। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन एक जोखिमपूर्ण कारोबार है और इसमें बीमा की व्यवस्था नहीं है। साथ ही, इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को जिला प्रशासन की ओर से मुआवजा देने का भी कोई प्रावधान नहीं है।