गढ़वा
झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं की सूची से भोजपुरी, मगही और अंगिका को हटाए जाने के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदी बोलने और समझने वाले लोगों के साथ किसी भी तरह की नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि भोजपुरी, मगही और अंगिका को भाषाओं की सूची में शामिल किया जाए या फिर हिंदी को क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषा की सूची में शामिल किया जाए।
भोजपुरी-मगही-अंगिका को लेकर सरकार से तत्काल संज्ञान की मांग
पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों से मिले फीडबैक में इस मुद्दे को लेकर काफी नाराजगी सामने आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भोजपुरी, मगही और अंगिका बोलने वाले अभ्यर्थियों को इन भाषाओं में परीक्षा देने का विकल्प नहीं मिलेगा, तो वे दूसरी भाषाओं में परीक्षा कैसे देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। केएन त्रिपाठी ने कहा, "हिंदी हमारी मातृभाषा है और मातृभाषा को समाप्त नहीं किया जा सकता। सरकार को इस विषय की तार्किकता को समझते हुए अविलंब हिंदी को सूची में शामिल करना चाहिए। हिंदी बोलने और जानने वाले लोगों के साथ नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
18 अगस्त से शुरू होगी पंचायत परामर्श यात्रा
इससे पहले परिसदन के सभागार में जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओबैदुल्लाह हक अंसारी की अध्यक्षता में जिला एवं प्रखंड स्तर के कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में पंचायत परामर्श यात्रा को लेकर संगठनात्मक रणनीति तैयार की गई। बैठक को संबोधित करते हुए केएन त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश प्रभारी राजू जी के निर्देशानुसार गढ़वा जिले के विभिन्न पंचायतों में पंचायत परामर्श यात्रा की शुरुआत 18 अगस्त से केतार प्रखंड से होगी। इसके बाद 19 अगस्त को खरौंधी प्रखंड में यात्रा निकाली जाएगी।
पंचायतों में आम लोगों से सीधे संवाद करेगी कांग्रेस
यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता विभिन्न पंचायतों में पहुंचकर आम लोगों से सीधे संवाद करेंगे। इस दौरान लोगों की समस्याओं, सुझावों और स्थानीय मुद्दों को समझने के साथ ही जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के आधार पर संकलित किया जाएगा। इन समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करने को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में केएन त्रिपाठी ने कहा कि वह जनहित के मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाते रहेंगे। वहीं, अपने खिलाफ पार्टी की ओर से जारी नोटिस से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने नोटिस का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है और वह भी पूरी मजबूती के साथ पार्टी के साथ खड़े हैं।