रांची
झारखंड के रांची नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अब कुत्ते पालने के लिए निगम से अनुमति लेनी होगी और उनको कुत्ते का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। निगम इस संबंध में कुत्ता पालकों को नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि पहले भी रांची वासियों को उनके कुत्ते का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए निर्देश जारी किये गये थे। लेकिन लोगों ने इस पर अमल नहीं किया। अब रांची नगर निगम फिर से कुत्ता पालकों को नोटिस भेजने की कवायद में लग गया है। इसके पीछे निगम का तर्क है कि कुत्ते के किसी को काटने पर उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। ये तभी हो सकता है जब निगम के पास शहर के कुत्ता पालकों का रिकार्ड होगा।

क्योें की जा रही ये कवायद
इस संबंध में पूर्व नगर आयुक्त प्रशांत कुमार ने बताया कि अक्सर पालतू कुत्तों के काट लेने की शिकायत मिलती है। पालतू कुत्ते दूसरी तरह से लोगों को क्षति पहुंचाते हैं। लेकिन इस संबंध में कुत्ता पालक पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। इन सबको रोकने के लिए कुछ दिनों पहले एक नियमावली भी तैयार की गयी थी। इसमें कुत्तों को रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन आदि की बात कही गयी थी। लेकिन किन्हीं कारणों से इसे नगर निगम ने पारित करने से इनकार कर दिया था। इसलिए इसे कानून का रूप नहीं दिया जा सका। लेकिन कुत्तों से होने वाली क्षति को रोकने के लिए एक गाइडलाईन का होना जरूरी है। निगम इसी आलोक में कुत्ता पालकों को नोटिस जारी करने की सोच रहा है।

ये होगा फायदा
वहीं, रांची नगर निगम की सहायक लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ किरण कुमारी ने बताया है कि रांची में अगर कोई अपने फ्लैट या घर में कुत्ता पालता है, तो उसे नगर निगम से अनुमति लेना जरूरी होगा। कुत्ते का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य शर्तों में से एक है। निगम इस संबंध में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। कहा कि शहर के पालतू कुत्तों का रिकार्ड होना जरूरी है। इससे आम शहरियों की परेशानी कम होगी। कुत्ते की ओर किसी का नुकसान किये जाने पर कार्रवाई हो सकेगी। डॉ किरण ने लोगों को सलाह दी है कि वे घरों में पामेरियन कुत्ते रखें। वहीं, अगर कोई बड़े आकार का कुत्ता पालता है, तो कुत्ते के रहने के लिए अलग से व्यवस्था करें।
