द फॉलोअप डेस्क
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने संचार साथी मोबाइल एप्लिकेशन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा है कि इस ऐप में इतनी अधिक परमिशन मांगी जा रही हैं, जो किसी भी व्यक्ति की गोपनीयता के लिए खतरा साबित हो सकती हैं। झामुमो ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को टैग करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। झामुमो द्वारा किए गए पोस्ट में दावा किया गया है कि संचार साथी ऐप उपयोगकर्ताओं से कैमरा, कॉल लॉग, टेलीफोन इंफो, SMS, स्टोरेज और नेटवर्क एक्सेस जैसी संवेदनशील परमिशन मांगता है। पार्टी ने कहा कि इन परमिशन का मतलब है कि ऐप को किसी भी समय फोन के कैमरे, कॉल डिटेल्स, बैंकिंग मैसेज, निजी चैट, दस्तावेज़, फोटो और इंटरनेट गतिविधियों तक पहुंच मिल सकती है।
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झामुमो के पोस्ट में लिखा गया है कि- "अभी हमने संचार साथी ऐप की परमिशन्स देखी… सच में यह डरावनी है। उम्मीद है की . @yourbabulal इस पर कुछ बोलने का साहस दिखायेंगे। ये ऐप हमारी कितनी पर्सनल चीज़ों तक पहुँच मांग रहा है, ज़रा खुद समझें आप
Camera: किसी भी समय फोटो–वीडियो रिकॉर्ड करने की सुविधा।
Call Logs: किससे, कब और कितनी देर बात की—सारी जानकारी।
Telephone Info: फोन की पहचान, IMEI और नेटवर्क डिटेल्स तक पहुंच।
SMS: OTP, बैंक मैसेज और व्यक्तिगत संदेश पढ़ने तथा खुद SMS भेजने की क्षमता।
Storage: फोटो, फाइलें और दस्तावेज़ देखने या डिलीट करने का अधिकार।
Network Access: ऐप का बैकग्राउंड में लगातार सक्रिय रहना।"
अभी हमने संचार साथी ऐप की परमिशन्स देखी… सच में यह डरावनी है। उम्मीद है की .@yourbabulal इस पर कुछ बोलने का साहस दिखायेंगे।
— Jharkhand Mukti Morcha (@JmmJharkhand) December 2, 2025
ये ऐप हमारी कितनी पर्सनल चीज़ों तक पहुँच मांग रहा है, ज़रा खुद समझें आप:
• Camera – मतलब फ़ोटो/वीडियो तक सीधा एक्सेस। किसी भी वक्त कैमरा यूज़ हो सकता… pic.twitter.com/tSFznNwAMk

झामुमो ने सवाल उठाया कि “एक भाजपा समर्थित सरकारी सेवा ऐप को इतनी निजी जानकारियों की जरूरत क्यों है?” पार्टी का कहना है कि यह नागरिकों की प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा है और भाजपा नेतृत्व को इस पर जवाब देना चाहिए।