द फॉलोअप डेस्क:
झारखंड में लेडी सुपरवाइजर नियुक्ति (Jharkhand Lady Supervisor Recruitment) को लेकर चल रहे विवाद पर मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य सरकार और आयोग को अंडरटेकिंग देने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि इस मामले में आगे कोई नया विज्ञापन जारी नहीं किया जाएगा और न ही अतिरिक्त नियुक्तियां की जाएंगी। अब तक जितनी नियुक्तियां हो चुकी हैं, वे बरकरार रहेंगी। इसके साथ ही कोर्ट ने पहले जारी अंतरिम आदेश को भी कायम रखा है।

एकलपीठ के आदेश को दी गई है चुनौती
यह मामला लेडी सुपरवाइजर नियुक्ति से जुड़ा है, जिसमें आकांक्षा कुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने नियुक्ति करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार और अन्य पक्षों ने खंडपीठ में अपील दायर की है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि सफल अभ्यर्थियों की ओर से भी अपील याचिका दाखिल की गई है। इस पर खंडपीठ ने संबंधित पक्ष को याचिका में मौजूद त्रुटियों को दूर करने का निर्देश दिया।

सभी याचिकाओं पर एक साथ होगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले से संबंधित सभी याचिकाओं को एक साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है, ताकि सभी पक्षों की दलीलों पर एक साथ विचार किया जा सके। फिलहाल नियुक्तियों को लेकर अदालत का अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा। मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को निर्धारित की गई है। अब आगे की सुनवाई में नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े विवाद और संबंधित अपीलों पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण होगा।