जामताड़ा
झारखंड में गर्मी का पारा चढ़ते ही जामताड़ा जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की विकराल समस्या उत्पन्न होने लगी है। जिला प्रशासन भले ही बेहतर सुविधाओं के लाख दावे करे, लेकिन धरातल की हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। ताजा मामला फतेहपुर प्रखंड के जामजोड़ी पंचायत अंतर्गत तलपोखरिया स्कूल टोला का है, जहाँ की लगभग 350 की आबादी प्यास बुझाने के लिए जद्दोजहद कर रही है।
सरकारी तंत्र फेल, कागजों में है सुविधा
ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड में यहाँ पाँच चापाकल और दो सोलर जलमीनार स्थापित किए गए थे। विडंबना यह है कि वर्तमान में ये सभी खराब पड़े हैं। चापाकल कई सालों से सफेद हाथी बने हुए हैं, वहीं ग्रामीणों की अंतिम उम्मीद कहे जाने वाले सोलर जलमीनार भी पिछले एक साल से तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं।
स्कूल के भरोसे पूरा टोला
वर्तमान में स्थिति इतनी बदतर है कि ग्रामीण पास के एक स्कूल में स्थित पानी के स्रोत पर निर्भर हैं। ग्रामीण उज्जवल बाउड़ी, राजेश बाउड़ी, सुभाष बाउड़ी और उत्तम बाउड़ी ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि वे जनप्रतिनिधियों से लेकर जिला अधिकारियों तक लिखित और मौखिक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे अपनी समस्या लेकर जाते हैं, तो जनप्रतिनिधि "फंड की कमी" का रोना रोते हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी उनका फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझते। इस भीषण गर्मी में पानी की किल्लत ने ग्रामीणों के दैनिक जीवन को नारकीय बना दिया है। यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।