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जामताड़ा के गोदलीपाहड़ी में बाहा पर्व की धूम, पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्रकृति की उपासना

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द फॉलोअप डेस्क 

जामताड़ा के मानवी मार्शल क्लब, गोदलीपाहड़ी स्थित जाहेर थान में आदिवासी समाज के प्रमुख त्योहार बाहा पर्व का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर पूरा क्षेत्र पारंपरिक लोक धुनों और सांस्कृतिक छटा से सराबोर नजर आया। प्रकृति को समर्पित इस पर्व में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अपनी आस्था प्रकट की और सुख-समृद्धि की कामना की। पर्व की शुरुआत जाहेर थान में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। अनुष्ठान का मुख्य आकर्षण साल वृक्ष के नए पुष्पों का पूजन रहा। पूजा संपन्न कराने में मुख्य रूप से नाईकी गिरीस सोरेन, कुडम नाईकी मैनेजर सोरेन, मांझी बाबा बीबीलाल सोरेन, पौराणिक वीरेंद्र हेंब्रम, मुखिया जोसेफ मुर्मू और ओफिसर सोरेन सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बाहा पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के नए वर्ष के आगमन का प्रतीक है।

इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने बताया कि यह त्योहार हमें पेड़-पौधों और पर्यावरण के संरक्षण का संदेश देता है। साल के फूलों की पूजा कर समाज प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता है। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक देखने को मिली। मानवी मार्शल क्लब की ओर से आयोजित पारंपरिक नृत्य में युवक-युवतियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में हिस्सा लिया। मांदर और ढोल की थाप पर थिरकते कलाकारों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। दर्शकों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश स्पष्ट दिखाई दिया। ग्रामीणों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने का संकल्प लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।

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