जमशेदपुर
जमशेदपुर के चर्चित डीडी बार हत्याकांड में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की गिरफ्तारी के लिए बिहार, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है। इस बीच, मृतक हिमांशु सिंह के परिजनों और भाजपा ने मामले की CBI जांच की मांग तेज कर दी है। दूसरी ओर, फरार बार संचालक सह भाजपा नेता नीरज सिंह की तलाश में भी पुलिस की दबिश बढ़ गई है, जिनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अब 6 जुलाई को सुनवाई होनी है।
भाजपा कार्यकर्ता का नाम आया सामने
मामले में गठित एसआईटी मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की गिरफ्तारी के लिए लगातार अलग-अलग शहरों में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने बागबेड़ा इलाके से दो-तीन लोगों को हिरासत में लेकर भी पूछताछ की है। सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गये लोगों में भाजपा से जुड़े एक युवा कार्यकर्ता का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि विश्वनाथ मंडल के इन लोगों से व्यावसायिक संबंध रहे हैं। पुलिस हिरासत में लिए गये युवकों के कॉल डिटेल्स भी खंगाल रही है। वहीं नामजद आरोपी अमित लोहार के भाई से भी पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, अमित लोहार और लखन मार्डी मामा-भांजा हैं। हालांकि अब तक की पूछताछ में हिरासत में लिए गये लोगों का सीधे तौर पर इस हत्याकांड से कोई संबंध सामने नहीं आया है। पुलिस के अनुसार, हिमांशु हत्याकांड में अब तक तीन नाबालिग समेत कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से दो को जेल भेज दिया गया है, जबकि तीन नाबालिगों को रिमांड होम भेजा गया है। इसके अलावा दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घायल प्रत्युष की हालत गंभीर इलाज जारी
दूसरी ओर घटना में घायल प्रत्युष सिंह का इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। उसकी सुरक्षा और सहायता के लिए जमशेदपुर पुलिस के दो पदाधिकारियों को अस्पताल में तैनात किया गया है। मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने सोनू राम सरदार उर्फ सोनू मंडल और राज लोहरा को 72 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी, लेकिन उनसे कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं मिल सकी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों को शनिवार को वापस जेल भेज दिया गया। 
परिजनों पर पुलिस का दबाव
इधर, फरार आरोपियों के परिजनों पर भी पुलिस ने दबाव बनाने की रणनीति अपनायी है। बागबेड़ा और अन्य इलाकों से हिरासत में लिए गये परिजनों से दो दिनों तक विभिन्न थानों में पूछताछ की गयी, जिसके बाद शनिवार शाम उन्हें छोड़ दिया गया। इनमें मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल के मामा-चाचा समेत अन्य परिजन शामिल थे। पुलिस फरार मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल, डबल डाउन बार के संचालक नीरज सिंह, विजय कुमार, राहुल दुबे और अमित लोहार की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। विश्वनाथ मंडल की गिरफ्तारी के लिए लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है, ताकि बाहरी राज्यों की पुलिस की मदद से उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और झारखंड के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रही हैं।
न्याय न मिलने पर पूरे झारखंड में होगा आंदोलन
अब इस मामले में करणी सेना से जुड़े युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या को लेकर सीबीआई जांच की मांग भी तेज हो गयी है। मृतक के पिता अरविंद सिंह ने हाईकोर्ट में जल्द ही जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर मामले की सीबीआई जांच की मांग करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि उनका एक ही बेटा था, जिसकी पुलिस की मौजूदगी में हत्या कर दी गयी। अब उन्हें न्याय चाहिए। वहीं भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन पूरे झारखंड में फैलाया जायेगा। दूसरी ओर, डबल डाउन बार के संचालक सह भाजपा नेता नीरज सिंह की गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। उनके कार्यालयों और व्यावसायिक ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। शनिवार देर रात चांडिल स्थित होटल हवाना में भी पुलिस ने छापेमारी कर सीसीटीवी फुटेज और कमरों की जांच की तथा कर्मचारियों से पूछताछ की।
पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट पहुंची नीरज सिंह की पत्नी
वहीं, नीरज सिंह की पत्नी संध्या सिंह ने अधिवक्ता प्रकाश झा के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ अर्जी दाखिल की है। अर्जी में आरोप लगाया गया है कि बिना वारंट घर में घुसकर तलाशी ली गई और दो कारें जब्त कर ली गईं, जिससे उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इधर, नीरज सिंह की जमानत अर्जी पर अब 6 जुलाई को सुनवाई होगी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामले को एडीजे-1 की अदालत में स्थानांतरित कर दिया है। साथ ही पुलिस द्वारा उनकी गाड़ियों की जब्ती के मामले में एसीजेएम कोर्ट ने थाना से रिपोर्ट तलब की है।