डेस्क:
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में पैसों के साथ पकड़े गये झारखंड कांग्रेस के तीन विधायकों को 10 दिनों की रिमांड पर लिया गया है। दरअसल, बंगाल पुलिस ने डॉ. इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगाड़ी को 20 घंटे से भी ज्यादा वक्त तक पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। मेडिकल करवाने के बाद तीनों विधायकों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया। जांच का जिम्मा अब सीआईडी को सौंप दिया गया है। पहले बंगाल पुलिस ने पूछताछ की थी।
विधायकों के पास मिला था करीब 50 लाख रुपया
गौरतलब है कि विधायकों के पास से पुलिस ने 49 लाख 37 हजार 300 रुपये बरामद किए थे। हावड़ा जिला के पांचाल थानाक्षेत्र में तीनों विधायकों को हिरासत में लिया गया था। हावड़ा (ग्रामीण) एसपी स्वाति मांघियाल ने बताया था कि गुप्त सूचना मिली थी कि काले रंग की एसयूवी में भारी मात्रा में कैश है। इसी सूचना के आधार पर नाकेबंदी की गई। काले रंग की एसयूवी जिसमें विधायक जामताड़ा लिखा था, जब इसकी तलाशी ली गई तो इसमें बैग में रखा नोटो का बंडल मिला। पुलिस ने पैसों की गिनती के लिए मशीनें मंगवाई। बताया जाता है कि सुबह 3 बजे तक नोटों की गिनती की गई। तीनों विधायकों को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। कम से कम 20 घंटे तक पूछताछ करने के बाद तीनों विधायकों को गिरफ्तार किया गया।

विधायकों की गिरफ्तारी के बाद गर्माई सियासत
मामला दरअसल, शनिवार देर शाम का है। इधर, झारखंड कांग्रेस के तीन विधायकों की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। बेरमो से पार्टी के विधायक अनूप सिंह उर्फ जयमंगल सिंह ने अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई है। आरोप लगाया है कि डॉ. इरफान अंसारी ने उनको 10 करोड़ रुपये और मंत्रीपद का लालच दिया था। साथ ही कोलकाता चलने को कहा था जहां से सभी को गुवाहाटी जाकर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात करनी थी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बीजेपी पर सरकार गिराने की साजिश करने का आरोप लगाया है।

झामुमो-कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार
सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि 2 साल से झारखंड में सरकार को अस्थिर करने की पटकथा लिखी जा रही थी। हालांकि, कांग्रेस की सक्रियता की वजह से बीजेपी का मंसूबा कामयाब नहीं हुआ। वहीं, आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अपने पाप को छुपाने के लिए झूठा एफआईआर लिखवाकर बीजेपी को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे लोग खुद भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हैं।