द फॉलोअप डेस्क, रांची
झारखंड के जामताड़ा से कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी आदिवासी के प्रति ओंछी सोच रखते हैं. उन्होंने कहा आदिवासी इतना तेज कैसे हो सकते हैं. आपके इस बयान से आदिवासी समाज पूरी तरह से मर्माहत है. कांग्रेस के डीएनए में जनजातीय समाज के प्रति विरोध है. ये बातें भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री सह रांची की पूर्व महापौर आशा लकड़ा ने गुरुवार को प्रेस वार्ता के दौरान कही. उन्होंने कहा आदिवासी के डीएनए में समाज को देश को और इस राज्य के इतिहास को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया है, और आदिवासी के विभिन्न क्षेत्र में सफलता भी हासिल किए हैं. राज्य और देश का नाम रोशन किया है. आदिवासी समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है. चाहे भगवान बिरसा मुंडा की बात करें, चाँद-भैरव फूलों जाना सिदो-कान्हू, जतरा टाना भगत ने मिलकर अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे. लेकिन कांग्रेस आदिवासी के इतिहास को जानते नहीं हैं या जानबूझकर अनजान बनते हैं. चाहे वह सोनिया गांधी और राहुल गांधी हो या प्रियंका वाड्रा हो उनके अध्यक्ष, उनको आदिवासी का इतिहास जानना पड़ेगा। जिन्हें झारखंड में मोहरा बनाकर छोड़ गया है अनर्गल बातें करने के लिए उन्हें भी जानने की आवश्यकता है. वे न कभी आदिवासी हितैषी थे और ना ही कभी हो सकते हैं. आदिवासी को सिर्फ वोट बैंक बनाया है, और उन्हें इस्तेमाल किया है.

अगर आपको हिंदू वोट नहीं देता तो आप उनके घर टीका लगाकर क्यों जाते
मैं खुद एक आदिवासी महिला हूं आदिवासी होने का मुझे गर्व है. कहा की अंसारी जी यहां की मिट्टी में हमारी पहचान है. आदिवासी समाज इतना आगे बढ़े हैं आज चाहे प्रशासनिक क्षेत्र हो, फिल्म जगत में हो या किसी भी क्षेत्र में आदिवासी समाज का विकास कर देख लीजिए। देश और समाज का नाम रोशन किया है. उन्होंने कहा कि वह हिंदू वोट से नहीं जीते हैं अगर आपको हिंदू वोट नहीं देता तो आप हिंदू के घर में टीका लगाकर चुनरी पहन कर क्यों जाते। आप एक जनप्रतिनिधि हैं. आपको कौन वोट देता है कौन नहीं देता है यह 2024 में आपको पता चल जाएगा। उन्होंने इरफान अंसारी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा की वह अपने मुख से ऐसा शब्द का प्रयोग नहीं किये हैं उनसे केंद्र में बैठे सोनिया गाँधी, राहुल गांधी, मल्लिकर्जुन खड़गे और प्रियंका ने ऐसा कहने को कहा.

कोई बाहरी व्यक्ति अगर कहा होता तो ऐसीसी-एसटी कोर्ट में केस हो जाता
राज्य की विधि-व्यवस्था चरमराई हुई है. आए दिन महिलाओं के साथ दुष्कर्म हो रहें हैं, हत्याएं हो रही हैं. हाल ही में एक आदिवासी नेता की हत्या कर दी गई. लेकिन मुख्यमंत्री उस पर चुप्पी साधे रहे. हेमंत सोरेन सरकार में दुष्कर्म, हत्या के मामले में राज्य का जो ग्राफ बढ़ा है, वह किसी से छुपा हुआ नहीं है. किसी राज्य में आदिवासी की जमीन लूटी जा रही है. आदिवासी पर यही शब्द अगर कोई बाहरी व्यक्ति बोलता कि आदिवासी कैसे इतने तेज हो सकते हैं. तो अब तक एसटी-एससी कोर्ट में केस हो जाता। यहां तो कार्यवाही तक नहीं हुई. विधानसभा से उनके शब्दों को हटा दिया गया. मैं कहना चाहती हूं हेमंत सोरेन आज कांग्रेस के इशारे पर नाच रहे हैं।
