द फॉलोअप डेस्क, रांची:
प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के 1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सागर, 15 लाख के इनामी मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण और गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और राज्य स्तर की सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ करेगी। बीते गुरुवार को धनबाद की अदालत ने तीनों माओवादियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। सुरक्षा एजेंसियां तीनों माओवादियों से माओवादी नेटवर्क, संगठन की गतिविधि और लंबित मामलों से जुड़ी अहम जानकारियां मांगेंगी।

जांच एजेंसियां क्या जानकारी हासिल करना चाहती है!
धनबाद पुलिस ने NIA, IB, बिहार पुलिस, ओडिशा पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस को पत्र भेजा है ताकि वे मिसिर बेसरा और मोछू सहित अन्य माओवादियों से पूछताछ कर सकें। बताया जा रहा है कि संबंधित एजेंसियां और राज्यों की पुलिस धनबाद आकर अलग-अलग मामलों में तीनों से पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि पूछताछ से कई राज्यों में फैले नेटवर्क, संगठन की गतिविधि और उनके सहयोगियों से जुड़ी अहम जानकारियां मिल सकती हैं। गौरतलब है कि मिसिर बेसरा के नेतृत्व में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के सीमावर्ती जिलों में लगभग 3 दशक तक लाल आतंक का दहशत रहा, जो अब उसकी गिरफ्तारी से खत्म हो गया है।

अतीत में हुई नक्सल वारदातों की जानकारी होगी अहम
गौरतलब है कि धनबाद और गिरिडीह पुलिस के अलावा सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने तीनों माओवादियों को पकड़ा था। अगले 14 दिन की पूछताछ में तीनों माओवादियों से यह जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी कि वे किस बड़ी वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहे थे। वे अतीत में किन नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं। राज्य पुलिस बल पर हुए हमलों में इनकी क्या भूमिका थी? एजेंसियां यह पता लगाने का भी प्रयास करेंगी कि संगठन के सक्रिय सदस्यों, हथियारों की आपूर्ति और ठिकानों से जुड़ी जानकारियां भी जुटाई जायेंगी।