जामताड़ा:
जामताड़ा में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। शुक्रवार को 'झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ (सम्बद्ध-भारतीय मजदूर संघ)' के बैनर तले कर्मियों ने सदर अस्पताल से समाहरणालय तक एक विशाल कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। संघ के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन को अब और तेज किया जा रहा है।

12 अक्टूबर को कर्मियों का भिक्षाटन कार्यक्रम
आंदोलन की रूपरेखा की जानकारी देते हुए संघ ने बताया कि आगामी 12 अक्टूबर को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष 'भिक्षाटन कार्यक्रम' आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 14 अक्टूबर को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन होगा और 16 अक्टूबर को पूरे झारखंड में एकदिवसीय पूर्ण हड़ताल रहेगी। संघ के अध्यक्ष सुरेश रवानी ने चेतावनी दी कि यदि 21 अक्टूबर तक विभाग और सरकार द्वारा उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो राज्य भर के 108 एंबुलेंस कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
108 एंबुलेस कर्मियों की प्रमुख मांगें क्या हैं!
इनकी मांग है कि 108 एंबुलेंस का संचालन और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान सरकारी स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से किया जाए। सेवा से हटाए गए सभी कर्मचारियों की संबंधित जिलों में बहाली की मांग की गई है। कर्मचारियों को EPF, ESIC, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन सहित सभी श्रमिक अधिकार दिए जाएं।
.jpeg)
स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान कर्मियों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि जामताड़ा जिले में आधी से अधिक 108 एंबुलेंस खराब पड़ी हैं और जो चल रही हैं, उनकी स्थिति भी जर्जर है। विभाग या एजेंसी द्वारा मरम्मत न कराए जाने के कारण मरीज ले जाते समय एंबुलेंस अक्सर रास्ते में ही बंद हो जाती है।
कर्मियों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार के समय भी उन्हें बीते 3 महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।