हजारीबाग
हजारीबाग के खजांची तालाब में डूबे युवक का शव करीब 20 घंटे बाद बाहर निकाला गया। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद की पहल पर बुलाए गए गोताखोरों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव बरामद किया। घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल शुक्रवार की शाम खजांची तालाब घूमने पहुंचे चार युवकों में से दो युवक तालाब में तैरने के लिए उतरे थे। इसी दौरान 22 वर्षीय कमांडो वर्मा गहरे पानी में डूब गया। वहीं एक युवक सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन कमांडो वर्मा को बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोग देर रात तक युवक की तलाश करते रहे, लेकिन प्रशासन की ओर से ना गोताखोर उपलब्ध कराए गए और ना ही कोई विशेष रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। इसे लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

हजारीबाग में एनडीआरएफ टीम की मांग
इधर, शनिवार को सदर विधायक प्रदीप प्रसाद की पहल पर चौपारण से गोताखोरों की टीम बुलाई गई। कई घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने युवक का शव तालाब से बाहर निकाला। शव निकलते ही मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस दौरान सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि मैंने पहले भी विधानसभा में हजारीबाग में एनडीआरएफ टीम की मांग उठाई थी। अगर यहां एनडीआरएफ की व्यवस्था होती तो राहत कार्य में इतनी परेशानी नहीं होती। प्रशासन को इस दिशा में गंभीर पहल करनी चाहिए। इस घटना के बाद एक बार फिर हजारीबाग जिले में आपदा प्रबंधन, तालाबों की सुरक्षा और आपातकालीन बचाव संसाधनों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
