सुशील सिंह/गुमला
Gumla News:- गुमला जिले के पालकोट प्रखंड के सुंदरपुर गांव में शुक्रवार सुबह जंगली भालू के हमले से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान सुंदरपुर गांव निवासी जयनाथ बड़ाईक के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, जयनाथ सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच अपने काम से जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक एक जंगली भालू सामने आ गया और उसने जयनाथ पर हमला कर दिया। भालू के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद जयनाथ को बचाने के लिए आसपास के लोग और उनके परिजन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल गुमला सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। जयनाथ की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया है। फिलहाल उनका इलाज रिम्स में कराया जा रहा है।

भालू के हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत
घटना के बाद सुंदरपुर गांव सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में जंगली भालू को लेकर दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में जंगली जानवरों की सक्रियता समय-समय पर सामने आती रहती है। ऐसे में जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को अपने रोजमर्रा के काम के लिए निकलने के दौरान जंगली जानवरों के हमले का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में जंगली जानवरों की मौजूदगी की जानकारी वन विभाग तक समय रहते नहीं पहुंच पाती। उनका कहना है कि जब तक किसी ग्रामीण पर भालू या हाथी जैसे जंगली जानवर हमला नहीं कर देते, तब तक उनकी सक्रियता को लेकर लोगों को पर्याप्त सतर्क नहीं किया जाता। ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मियों और वनरक्षियों की सक्रियता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जंगल और आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।

पहले से जानकारी मिले तो टल सकता है खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि अगर वन विभाग को पहले से यह जानकारी मिल जाए कि किसी इलाके में भालू, हाथी या अन्य जंगली जानवर सक्रिय हैं, तो ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा सकता है। इससे लोगों को जंगल और आसपास के रास्तों पर जाने से बचाया जा सकता है और संभावित हादसों को टाला जा सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली जानवरों की गतिविधियों की नियमित निगरानी करने और प्रभावित इलाकों में समय पर सूचना जारी करने की मांग की है। पालकोट और आसपास के वन क्षेत्रों में जंगली जानवरों की मौजूदगी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए वन विभाग को निगरानी व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। जयनाथ बड़ाईक पर हुए भालू के हमले के बाद एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।